इस भूस्खलन के कारण सैकड़ों वाहन हाईवे पर फंस गए हैं, जिनमें एंबुलेंस, निजी गाड़ियाँ, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सवार हैं। जाम की स्थिति पिछले तीन घंटे से बनी हुई है, जिससे लोगों को पीने के पानी और शौच जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किसान अपनी फसलें मंडियों तक ले जा रहे थे, लेकिन मार्ग बंद होने के कारण सब कुछ बीच में ही रुक गया। प्रभावितों में कुछ मरीज भी शामिल हैं, जिन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह क्षेत्र पहले से ही भूस्खलन संभावित घोषित है, फिर भी सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए। भूस्खलन के बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की मशीनें मौके पर तो पहुंची हैं, लेकिन बड़े-बड़े मलबों और चट्टानों को हटाने में समय लग रहा है।
एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी बयान में बताया गया कि मार्ग को खोलने का कार्य तेजी से चल रहा है और राहत टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और धैर्य रखते हुए सहयोग करें।
