हरियाणा में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। राज्य सरकार ने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके आईपीएस अधिकारियों के एक नए पैनल को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेज दिया है। सबसे अहम बात यह है कि इस नए पैनल में फिर से पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम शामिल किया गया है। कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं, साथ ही दो अन्य सीनियर ऑफिसर 1989 बैच के मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो रहे हैं। डीजी जेल को वर्तमान में तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। उनकी रिटायरमेंट को लेकर पुलिस के शीर्ष पद के लिए सीनियर आईएएस ऑफिसर्स के बीच जोरदार पैरवी शुरू हो गई है। सरकार के द्वारा यूपीएससी को भेजे गए नए पैनल में फिर से शत्रुजीत कपूर का नाम शामिल किया गया है। इनके अलावा अजय सिंघल, आलोक मित्तल, एएस चावला और संजीव जैन का नाम शामिल है। इसलिए भेजा गया नया पैनल यूपीएससी ने सरकार द्वारा भेजा गया डीजीपी पैनल वापस लौटा दिया था। पैनल यह कहते हुए लौटाया गया था कि वर्तमान में डीजीपी का पद खाली नहीं है। यूपीएसएसी के द्वारा बताया गया था कि आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में नाम आने के बाद शत्रुजीत कपूर छुट्टी पर चल रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में डीजी रैंक के आईपीएस ओपी सिंह को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ओपी सिंह 31 दिसंबर को रिटायर होंगे, ऐसे में जब तक कपूर का अन्य जगह ट्रांसफर नहीं किया जाता तब तक पैनल नहीं भेजा जा सकता। DGP की रेस में ये 3 आईपीएस दावेदार डीजीपी पद के लिए प्रमुख दावेदारों में 1992 बैच के अधिकारी अजय सिंघल, जो वर्तमान में सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के महानिदेशक हैं; 1993 बैच के अधिकारी आलोक मित्तल, जो हरियाणा पुलिस आवास निगम के प्रबंध निदेशक हैं; और 1993 बैच के अधिकारी अर्शिंदर सिंह चावला, जो मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक हैं, शामिल हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अजय सिंघल अभी डीजीपी की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। नाम में देरी पर बन सकता है कार्यवाहक डीजीपी इस महीने के अंत में तीन वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति को देखते हुए, सरकार चयन प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करके वर्ष के अंत से पहले नए डीजीपी की नियुक्ति करना चाहती है। हालांकि, यदि प्रक्रिया में देरी होती है, तो अंतिम नियुक्ति होने तक कार्यवाहक डीजीपी का प्रभार किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा जा सकता है।इन सेवानिवृत्तियों के बाद नए साल में हरियाणा पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में बड़े फेरबदल की भी उम्मीद है। ओपी सिंह को नहीं मिली एक्सटेंशन डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम आईपीएस वाई पूरन कुमार के सुसाइड में आने के बाद उनके स्थान पर आईपीएस अफसर ओपी सिंह को डीजीपी का एडिशनल चार्ज दिया गया था। हालांकि उनका रिटायरमेंट भी 31 दिसंबर को रहा है। उनके छह महीने के एक्सटेंशन को केंद्र सरकार ने सहमति नहीं दी है, जिसके कारण उनके स्थान पर 1 जनवरी 2026 को डीजीपी पद पर नए आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति तय मानी जा रही है।
हरियाणा DGP के लिए UPSC को भेजा नया पैनल:शत्रुजीत कपूर का नाम भी शामिल; 3 टॉप अफसरों में सिंघल सबसे आगे
