पुलिस सूत्रों के अनुसार इस निर्णायक अभियान की शुरूआत बीजापुर के करेंगुट्टा की पहाड़ी से की जाएगी। दरअसल, अभी भी बीजापुर जिले के कई ऐसे गांव हैं जहां नक्सलियों का प्रभाव बना हुआ है, खासतौर पर तेलंगाना, महाराष्ट्र बार्डर से सटे गांवों के अलावा टाइगर रिजर्व एरिया वाले गांवों में नक्सलियों का प्रभाव खत्म नहीं हुआ है। जबकि बाकी जिलों में आंशिक रूप से नक्सल समर्थक और नक्सल विचारधारा के लोग बचे हैं, और वे कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं हैं । ऐसे में फोर्स ने निर्णायक लड़ाई की शुरूआत बीजापुर से करने का निर्णय लिया है। सूत्र बता रहे हैं कि फोर्स करीब 50 गांवों को लक्ष्य कर यहां ऑपरेशन शुरू करेगी और नक्सलियों को सिर्फ दो विकल्प दिया जाएगा इसमें पहला विकल्प आत्मसमर्पण का है ।
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना में स्टेट कमेटी के जगन ने अगले 6 महीने तक तेलंगाना में युद्ध विराम करने की बात कही है। तेलुगु भाषा में जारी किए गए इस प्रेस नोट में लिखा है कि पिछले 6 महीने तक राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए तेलंगांना सरकार ने साथ दिया है, लेकिन केंद्र सरकार माहौल बिगाड़ रही है। प्रेस नोट में आगे लिखा है कि पिछले मई के महीने में हमने युद्धविराम का ऐलान किया था। इन 6 महीनों में हमने योजनाबद्ध तरीकों को लागू किया। साथ ही यह सुनिश्चित किया कि शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। इसलिए अब जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप आने वाले 6 महीनों के लिए युद्ध विराम की घोषणा कर रहे हैं।
