Navratri Tilaji Hawan Importance: चैत्र नवरात्रि का पर्व बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और उपवास कर रहे हैं. नवरात्रि के इस पावन अनुष्ठान का समापन तिलाजी हवन के साथ होता है. बागेश्वर के प्रसिद्ध आचार्य पंडित कैलाश उपाध्याय बताते हैं कि अष्टमी, नवमी या दशमी तिथि पर किया जाने वाला यह हवन व्रत की पूर्णता का प्रतीक है. माना जाता है कि बिना हवन के नौ दिनों की साधना अधूरी रहती है.
Navratri: नवरात्रि व्रत का पूरा फल पाना चाहते हैं? जानिए कब और कैसे करें तिलाजी हवन, वरना पूजा रह जाएगी अधूरी
