नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि पूर्व में कई ऐसे लोगों को भी बोर्ड में पंजीकृत कर दिया गया था जोकि कामगार ही नहीं थे। इनमें से कई लोगों ने तो लाखों का फायदा भी उठा लिया। यह जरुरतमंद एवं पात्र कामगारों के साथ बहुत बड़ा अन्याय था।
अध्यक्ष ने बताया कि अब बोर्ड ने कामगारों की ई-केवाईसी और भौतिक सत्यापन यानि फिजिकल वेरिफिकेशन आरंभ की है। इसमें कई पंजीकृत लोग अपात्र पाए जा रहे हैं। अब आने वाले समय में कामगारों को ई-केवाईसी एवं भौतिक सत्यापन के बाद ही योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इससे बोर्ड की योजनाओं के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और पात्र एवं जरुरतमंद कामगार लाभान्वित होंगे।
नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के श्रम कल्याण अधिकारियों के साथ बैठक करके पिछले 3 महीनों की प्रगति की समीक्षा की है। श्रम कल्याण अधिकारियों को फील्ड में कामगारों का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही दावा पत्रों को मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
