‘हमारे देश में न कोई मिया खतरे में है, न कोई बीवी। किसी को कंफ्यूजन की जरूरत नहीं। हमारे देश की धर्म निरपेक्षता इसलिए सुरक्षित है क्योंकि जो बहुसंख्यक है, वह हिंदू समाज है। इस समाज ने पंथ निरपेक्षता का रास्ता चुना। जिन देशों ने इस्लामिक राष्ट्र का झंडा फहराया वो आज जल्लादी जुल्म और जुर्म के जानवर बने हैं। इन दहशतगर्द दरिंदों का कुनबा इंसानियत और मानवता का दुश्मन है। इसके उलट हमारा देश तरक्की के रास्ते पर है। देश का हर हिस्सा इसका हिस्सेदार और भागीदार है।’ यह बात वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सहारनपुर के देवबंद में कही। दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि SIR के दौरान 4 से 5 लाख ‘मिया’ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। भाजपा मियाओं के खिलाफ है। नकवी रविवार को भाजपा की ओर से हुए अल्पसंख्यक स्नेह संवाद में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने दारुल उलूम की जगह दारुल उसूल की जरूरत पर जोर दिया। कहा कि एक समय यह बहुत अच्छा था। अब जो हो रहा, वह बहुत अफसोस की बात की है। इस तरह के संस्थान में दहशतगर्दी की दीक्षा नहीं, देशभक्ति की शिक्षा देनी चाहिए। नकवी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा कि सामंती सुल्तान और समाजवादी टीपू पराजय के प्रमाण पत्र की पेटी लेकर घूम रहे हैं। बिना जनाधार के जागीरदारी नहीं होती, ये लोग फेल हो जाएंगे। पढ़िए नकवी की कही बड़ी बातें दारिल उलूम मजहबी राजनीति से ऊपर उठे
मुखतार अब्बास नकवी ने दारुल उलूम समेत सभी धार्मिक संस्थानों से अपील की कि वे मजहबी राजनीति से ऊपर उठें। राष्ट्र निर्माण, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में काम करें। कोई भी संस्थान अगर देशभक्ति की बजाय कट्टरता और नफरत की शिक्षा देगा, तो वह न देश के हित में होगा और न ही समाज के। पश्चिम बंगाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश में है क्या…?
पश्चिम बंगाल के मौलाना अजीज अंसारी के बयान पर भी नकवी ने तीखा हमला बोला। अंसारी ने कहा था कि यूपी में मुसलमान असुरक्षित हैं। उन्हें पश्चिम बंगाल शिफ्ट हो जाना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए नकवी ने कहा- पश्चिम बंगाल कोई पाकिस्तान में है क्या? या बांग्लादेश में है क्या? वह भी भारत का ही हिस्सा है। इस तरह के बयान देकर कुछ लोग देश में सांप्रदायिक संक्रमण फैलाना चाहते हैं। जानबूझकर डर और भ्रम का माहौल बना रहे। नकवी ने इसे एक ‘सांप्रदायिक सिंडिकेट’ की साजिश करार दिया, जो समाज को बांटने के एजेंडे पर काम कर रहा है। राष्ट्रीय पार्टी कहने वाली पार्टी मोहल्ले की राजनीति तक सिमटी
नकवी ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और सपा पर भी तीखा हमला किया। कहा- दशकों तक मुसलमानों को डराकर, भड़काकर और भ्रम में रखकर उनका राजनीतिक शोषण किया गया। मुसलमानों को सिर्फ वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उनके सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की कभी ईमानदार कोशिश नहीं की गई। जो पार्टियां कभी खुद को राष्ट्रीय पार्टी कहा करती थीं, आज वे मोहल्ले की राजनीति तक सिमट कर रह गई हैं। भारत में कोई खतरे में नहीं
भाजपा पर मुसलमानों के खिलाफ होने के आरोपों को खारिज करते हुए नकवी कहा कि भारत में कोई खतरे में नहीं है। भारत का हर नागरिक 100 फीसदी सुरक्षित है। कानून सबके लिए बराबर है। बीजेपी ने कभी विकास के मामले में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया, भले ही उसे मुस्लिम वोट कम मिले हों। सरकार की योजनाएं बिना किसी धार्मिक भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं। यूनिफाॅर्म सिविल कोड पर डर फैलाया गया यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी नकवी ने विपक्ष पर जानबूझकर डर फैलाने का आरोप लगाया। कहा- UCC से किसी भी समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक या संवैधानिक अधिकारों को कोई नुकसान नहीं होगा। इससे सभी नागरिकों के अधिकारों की 100 फीसदी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। सालों से भय और भ्रम का जो ‘गटर’ बनाया गया था, उस पर अब भरोसे और विश्वास की परत डाली जा रही। देश को जमात-ए-इस्लामी की नहीं, जमात-ए-इंसानियत की जरूरत
मौलाना अरशद मदनी ने हाल ही में कहा था कि हिंदू राष्ट्र की बात करने वाले लोग देश को नेपाल जैसा बनाना चाहते हैं। इस पर नकवी ने कहा- इस तरह की भाषा देश को जोड़ने की बजाय तोड़ने का काम करती है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि दारुल उलूम जैसे संस्थानों में जो गतिविधियां हो रहीं, वो चिंता पैदा करती हैं। नकवी ने कहा कि इसलिए देश को जमात-ए-इस्लामी की नहीं, जमात-ए-इंसानियत की जरूरत है। ऐसे संस्थानों से आतंक और नफरत नहीं, बल्कि देशभक्ति, मानवता और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश जाना चाहिए। केंद्र सरकार में किसी मुस्लिम का प्रतिनिधित्व न होने पर नकवी ने कहा कि मैं हिंदू-मुस्लिम, सिख-इसाई की बात नहीं कर रहा। लेकिन, समाज के सभी वर्गों की भागीदारी और हिस्सेदारी होनी चाहिए। यह सकारात्मक संदेश के लिए जरूरी है। ———————- ये खबर भी पढ़ेंः- मंत्री को घेरने वाले विधायक के पिता बोले-मैं धृतराष्ट्र नहीं, महोबा में कहा- स्वतंत्र देव चापलूसों से घिरे महोबा में जलशक्ति मंत्री को बंधक बनाने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्डू भैया को भाजपा ने नोटिस भेजा है। इसके बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी बेटे के समर्थन में उतर आए हैं। पूरी खबर पढ़िए…
नकवी बोले- भारत में न कोई मिया खतरे में…न बीवी:सहारनपुर में कहा- दारुल उलूम दहशतगर्दी की नहीं, देशभक्ति की शिक्षा दे
