चंद राजाओं की विरासत, नंदा देवी राजजात यात्रा…आखिर 1925 के बाद क्यों खत्म हुई इसमें कुमाऊं की भागीदारी, जानिए वजह?

Spread the love

Nanda Rajjat Yatra 2026: उत्तराखंड की पहचान मानी जाने वाली नंदा राजजात यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और इतिहास का अनोखा संगम है. हर 12 साल में निकलने वाली यह यात्रा गढ़वाल और कुमाऊं की साझा लोक आस्था को जोड़ती है, जिसमें समय के साथ आए बदलाव भी अपनी कहानी कहते हैं.