घर से गवाही देने निकले, रास्ते में वकील का मर्डर:भाई ने कहा- गवाही नहीं देने की मिली थी धमकी, गोली मारने 10 लाख में सुपारी, 2 लाख एडवांस

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“गांव में हमारी पांच बीघा 18 बिस्वा पट्टे की जमीन है, जिस पर टीचर कमलेश शर्मा, करण, कल्लू और आशीष परिहार कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। कोर्ट में केस चल रहा था। 14 फरवरी को मेरे भाई वकील संजय सक्सेना और परिवार के दूसरे लोगों को गवाही देनी थी। मेरे भाई सुबह कोर्ट के लिए घर से निकले थे, उन्हें गवाही देनी थी। घर से निकलते समय उन्होंने मुझे बताया कि गवाही न देने की धमकी मिली है। धमकी देने वालों ने कहा है कि अगर उसने गवाही दी तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। सुबह करीब 11:30 बजे भाई की हत्या की खबर मिली।” यह बात वकील संजय सक्सेना के भाई एडवोकेट कुलदीप सक्सेना ने कही। एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की शनिवार को शिवपुरी जिले के करैरा में कोर्ट जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मर्डर सिर्फ एक झगड़ा नहीं था, बल्कि 10 साल से सुलग रही रंजिश और कोर्ट में केस हारने के डर का खूनी नतीजा था। पुलिस ने इस कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के आरोप में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पूर्व सरपंच और टीचर भतीजा भी शामिल है, जबकि एक अभी भी फरार है। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… दैनिक भास्कर की टीम ने दिनदहाड़े हुए मर्डर केस में एडवोकेट संजय सक्सेना के परिवार से बातचीत की। पढ़िए रिपोर्ट… भाई ने बताई रंजिश की शुरुआत की पूरी कहानी मृतक एडवोकेट संजय सक्सेना के भाई एडवोकेट कुलदीप सक्सेना ने बताया कि रंजिश में हत्या हुई है। सिंगदौआ पंचायत के पूर्व सरपंच सुनील ‎शर्मा और उसके शिक्षक भतीजे ‎कमलेश शर्मा ने मर्डर की साजिश रची। दोनों ने मिलकर सुपारी दी और भाई की हत्या कराई। एडवोकेट कुलदीप ने बताया कि ‎2015 में पंचायत चुनाव ‎हुआ। सरपंच पद के लिए सुनील‎ शर्मा के सामने चुनाव मैदान में भैया संजय सक्सेना उतरे। ‎इससे सुनील शर्मा गुस्से में आ गया। चुनाव न लड़ने की बात कहते हुए धमकी दी थी। हालांकि भैया चुनाव हार गए थे। यहीं से दोनों में रंजिश ठन गई। उन्होंने बताया कि रंजिश की आग तब और भड़क गई ‎जब भैया जमीनी ‎विवाद से जुड़े केसों में आरोपियों ‎के खिलाफ कोर्ट में खड़े हो गए। भैया के मजबूत ‎पैरवी के कारण चाचा-भतीजे को‎ कोर्ट में केस हारने और जमीन ‎खोने का डर सताने लगा। ‎उन्होंने भैया को रास्ते से हटाने ‎का मन बना लिया।‎ 12 लाख ले लो, संजय सक्सेना की हत्या कर दो उन्होंने बताया कि साल 2017 में गांव में किशोरी जाटव की जमीन पर सरपंच सुनील शर्मा और उसके परिवार ने कब्जा कर लिया था। किशोरी जाटव का केस भैया ने लड़ा था, जिसमें किशोरी जाटव जीत गया। केस हारने के बाद से आरोपी लगातार धमकियां दे रहे थे। आरोपी बोल रहे थे कि उनके खिलाफ कोई केस न लड़ें। अगर अब ऐसा किया तो जान से खत्म कर लाश को कहीं फेंक देंगे। भाई ने उनकी धमकी को नजरअंदाज कर दिया। मिठुआ जाटव के पक्ष में एक अन्य जमीन विवाद का केस ले लिया। इस जमीन के एक हिस्से पर टीचर कमलेश शर्मा का कब्जा बताया जाता है। शर्मा केस से हटने या राजीनामा कराने के लिए लगातार भाई पर लगातार दबाव बनाते हुए धमकी दे रहा था। उन्होंने बताया कि गांव के सूरज आदिवासी ने मझले भाई अनिल सक्सेना को बताया था कि कमलेश कह रहा था कि 12 लाख रुपए ले लो और संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दो। धमकी दी थी- तुम ऐसे नहीं मानोगे, ‎ठिकाने लगाना पड़ेगा‎ कुलदीप का कहना है कि बड़े ‎भाई एडवोकेट संजय को कमलेश शर्मा और उसके चाचा सुनील‎ शर्मा लगातार धमकी दे रहे थे। केस ‎को छोड़ दो, वरना इस केस का जो होगा‎, वह देखा जाएगा। वकील साहब तुम नहीं ‎बचोगे। इस केस के शुरू होने पर कमलेश‎ ने हमारी हनुमान मंदिर के सामने ‎सिंघदौआ की जमीन पर आशीष खंगार के ‎साथ मिलकर अवैध कब्जा किया था। ‎उसमें मूंगफली की फसल उखाड़ते समय ‎भी नीरज, कमलेश, सुनील ने गांव ‎में झगड़ा किया था।‎ कुलदीप के अनुसार उन्होंने कहा था कि वकील‎ साहब तुम बचोगे नहीं। उसी समय से इन लोगों द्वारा जान से ‎मरवाने की धमकियां दी जा रही थीं। कुलदीप का कहना है कि एक ‎बार मेरे सामने ही बड़े भाई साहब को यह धमकी देते हुए बोल रहे ‎थे। तुम ऐसे नहीं मानोगे, तुम्हे ठिकाने लगाना पड़ेगा। 10 लाख में हत्या की सुपारी, 2 लाख एडवांस इस सनसनीखेज वारदात के बाद ‎एसपी अमन सिंह राठौर ने 6 ‎अलग-अलग टीमें बनाईं। मौके से साइंटिफिक सबूत इकट्ठा किए गए। इन्फॉर्मर नेटवर्क को अलर्ट कर दिया गया।‎ मृतक के भाई ने पूर्व सरपंच और‎ उसके भतीजे पर संदेह जताया था। इस पर ‎पुलिस ने तत्काल पूर्व सरपंच सुनील शर्मा और शिक्षक कमलेश शर्मा को हिरासत में ‎लिया। सख्ती से पूछताछ ‎हुई तो उन्होंने पूरा राज उगल दिया।‎ चाचा भतीजे ने टोरियाकला के‎ शातिर बदमाश सचिन रावत से संपर्क ‎किया। वकील की हत्या के लिए ‎करीब एक सप्ताह पहले 10 लाख‎ रुपए की सुपारी तय हुई, जिसमें से 2 ‎लाख एडवांस दिए गए, जबकि बाकी 8 लाख रुपए वारदात के बाद देने की बात तय हुई थी। इसके बाद सचिन ने ‎बिचौलिए की भूमिका निभाई। सचिन ने ‎डबरा और दतिया के तीन बदमाश पपेंद्र रावत (27) पुत्र हरदास ‎निवासी चांदपुरा डबरा, राजकुमार‎ उर्फ गोलू रावत (22) पुत्र अरविंद व ‎जहीर खान (23) पुत्र रफीक ‎निवासी घूघसी बड़ौनी जिला दतिया‎ से करैरा में मिलवाया। इसके बाद तीनों ने ‎वकील सक्सेना की रेकी की। 14‎ फरवरी की सुबह तीनों बदमाश बिना ‎नंबर की पल्सर बाइक से उस ‎सुनसान रास्ते (बांस पहाड़ी) पर‎ पहुंचे, जहां से वकील सक्सेना ‎रोजाना कोर्ट जाते थे। जैसे ही वकील‎ नजदीक आए, बदमाशों ने उनकी ‎गोली मारकर उनकी जान ले ली।‎ शॉर्टकट कच्चे रास्ते से जाते थे कोर्ट, इसका उठाया फायदा योजना के अनुसार तीनों बदमाशों ने तीन दिनाें तक रैकी की। वकील संजय कुमार सक्सेना घरयाली मोहल्ले से कोर्ट के ‎लिए सीधा कच्चा (शॉर्ट कट) रास्ता है। बाजार होकर 6 किमी की‎ बजाय दूसरे शॉर्ट कट से 2 से 3 किमी में कोर्ट पहुंच जाते थे। इसी ‎का फायदा बदमाश ने उठाया और गोली मारकर हत्या कर दी। ‎ रील बनाने वाली लड़की को वकील सड़क पर पड़े मिले और बात‎ छोटे भाई तक पहुंची। उसके बाद वकील की हत्या का पता चला। ‎बताया जा रहा है कि शॉर्ट पीएम में गोली पीछे से मारी है। ‎नजदीक से गोली मारने से गोली सीने से बाहर निकल गई थी।‎ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया कट्टा और बाइक बरामद कर ली है।
हत्या वाले दिन एक आरोपी भंडारे की तैयारी में था, दूसरा स्कूल में करैरा के वकील संजय कुमार की हत्या जिस दिन हुई, उसी दिन पूर्व सरपंच सुनील शर्मा के घर सत्संग चल रहा था। सुनील शर्मा हर साल रामचरित मानस का 5 से 6 दिन का सत्संग कराता है। 14 फरवरी को सत्संग के साथ भंडारे का आयोजन भी रखा गया था। हत्या के बाद जब पुलिस ने गांव में दबिश दी, तब सुनील शर्मा के घर भंडारे की तैयारियां चल रही थीं। बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे। पुलिस उसे घर से उठाकर लाई। वहीं, हत्या वाले दिन शिक्षक कमलेश शर्मा भी पुलिस को अपने स्कूल में पढ़ाते हुए मिले। उसने बताया कि घटना के समय वह स्कूल में मौजूद था, ताकि किसी को उस पर शक न हो।