यह प्रजाति फिलिप्सिया वंश (Genus Phillipsia) से संबंधित है और प्रायः ’’वर्षा ऋतु’’ में नमी और छाया से भरी वनभूमि में ’’सड़ती लकड़ियों या गिरी हुई टहनियों’’ पर उगती है।
इसके ’कप जैसे फलन शरीर’ का अंदरूनी भाग चमकदार लाल और चिकना होता है, जबकि बाहरी हिस्सा हल्की सफेद परत से ढका रहता है मानो सांता क्लॉज़ के वस्त्रों का एक टुकड़ा जंगल में खिल उठा हो। जानकारी अनुसार यह कवक पेंच , कान्हा, बाधवगढ सतपुडा में है।
