मां ने 6 साल की बेटी को मार डाला:गाजियाबाद में डंडे से 20 मिनट तक पीटा; हाथ-पैर टूटा, शरीर नीला पड़ा

Spread the love

गाजियाबाद में 6 साल की मासूम की सौतेली मां ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार दोपहर महिला ने बच्ची को कमरे में बंद किया। करीब 20 मिनट तक डंडे से पीटती रही। मासूम के हाथ-पैर टूट गए। पूरा शरीर नीला पड़ गया। कब मौत हो गई, पता ही नहीं चला। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी घर के अंदर पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खुलवाया तो महिला भागने लगी, पड़ोसियों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी। वेव सिटी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। आरोपी मां को गिरफ्तार किया गया। घटना वेव सिटी थाना क्षेत्र के डासना की है। विस्तार से पढ़िए मामला…. 4 साल पहले पहली पत्नी की मौत हुई
महिला का नाम निशा है, जो डासना में अपने पति अकरम के साथ रहती है। अकरम मजदूरी कर अपने परिवार का खर्च चलाता है। करीब 4 साल पहले अकरम की पहली पत्नी की मौत हो गई थी। जिससे 6 साल की बेटी शिफा थी। 2 साल पहले अकरम ने निशा से दूसरी शादी की थी। सोमवार को अकरम मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था। इसी दौरान सौतेली मां निशा ने 6 साल की शिफा को कमरे में बंद कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। पहले उसने बच्ची पर लात और थप्पड़ बरसाए। इसके बाद डंडे से वार किया। लगातार पिटाई से बच्ची की मौत हो गई। सूचना मिलने पर एसीपी वेव सिटी प्रिया श्रीपाल भी मौके पर पहुंचीं और आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया गया है कि बच्ची कई बार अपने पिता अकरम से भी कह चुकी थी कि उसकी सौतेली मां उसे बहुत मारती-पीटती है और परेशान करती है। इस पर अकरम ने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश भी की थी। ACP बोलीं- माता-पिता दोनों को हिरासत में लिया
एसपीपी वेव सिटी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि पुलिस ने बच्ची की मां और पिता दोनों को हिरासत में ले लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान मां ने अपनी बेटी की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया है। —————— ये भी पढ़ें- चंद्रशेखर की गर्लफ्रेंड बोली- फर्जी नेता REEL बनाकर आ गया:मेरठ में सांसद के हाईवे पर दौड़ते, दीवार फांदते वीडियो पर कसा तंज मेरठ के कपसाड़ गांव में मां की हत्या करके दलित लड़की का अपहरण करने के मामले में सांसद चंद्रशेखर को पीड़ित परिवार से नहीं मिलने दिया गया। शनिवार को चंद्रशेखर आगे-आगे और पुलिस उनके पीछे-पीछे घूमती रही। लेकिन, चंद्रशेखर हाथ नहीं आए। पढ़िए पूरी खबर…