यमुनानगर में खुद से 17 साल छोटे लिव-इन पार्टनर 33 वर्षीय गुंजन की हत्या के मामले में उसकी 50 वर्षीय प्रेमिका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि प्रेमिका के 25 वर्षीय बेटे आकाश को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि हत्या में इस्तेमाल चाकू व अन्य सामान बरामद किया जा सके। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले मृतक गुंजन को शायद इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि एक अधेड़ उम्र की महिला से प्रेम का सिला उसे अपनी जान देकर चुकाना पड़ेगा। अपने पति और बेटे को छोड़कर 11 साल से गुंजन के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने वाली सुषमा उर्फ रानी ने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने प्रेमी गुंजन को मौत के घाट उतार दिया। फैक्ट्री में काम करते हुए आए रिलेशन में करीब 11 साल पहले दोनों की लव स्टोरी मानेसर की एक फैक्ट्री से शुरू हुई थी। उस समय गुंजन 22 साल का था और सुषमा 39 वर्ष की थी। गुंजन मूल रूप से कपूरपुर, जिला गोंडा (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था, जबकि सुषमा बल रोड, जमुना विहार, मथुरा (उत्तर प्रदेश) की निवासी है। दोनों अपना प्रदेश छोड़कर मानेसर की एक फैक्ट्री में काम करते थे। सुषमा का पति प्रेमपाल भी वहीं रहता था। फैक्ट्री में काम के दौरान गुंजन और सुषमा की बातचीत होने लगी और इसी दौरान दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह जानने लगे। पति और 14 साल के बेटे को छोड़ गुंजन संग भागी थी सुषमा फैक्ट्री में काम शुरू करने के एक साल से भी कम समय में दोनों ने भागकर एक साथ रहने का फैसला कर लिया। एक दिन सुषमा अपने पति और 14 साल के बेटे आकाश को छोड़कर गुंजन के साथ रहने चली गई। इसके बाद दोनों लिव-इन पार्टनर के रूप में रहने लगे। करीब चार साल पहले वे जगाधरी आ गए और किराए के मकान में रहने लगे। सुषमा का अपने पति और बेटे से संपर्क खत्म हो चुका था, लेकिन करीब छह साल बाद उसकी अपने बेटे से दोबारा बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद आकाश अपनी मां के पास आने-जाने लगा। हालांकि आकाश की गुंजन के साथ नहीं बनती थी, जिस कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। गुंजन को नाम लेकर बुलाता था सुषमा का बेटा बुडिया चौकी प्रभारी जसपाल सिंह ने बताया कि आकाश के मन में गुंजन के प्रति काफी गुस्सा था। इसी गुस्से के चलते वह गुंजन को नाम लेकर ही पुकारता था। करीब दो महीने पहले आकाश का मथुरा में रह रही अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था, जिसके बाद वह वहां से यमुनानगर अपनी मां के पास आ गया। मां के पास रहने के दौरान उसे रोजाना गुंजन का सामना करना पड़ता था। ऐसे में दोनों के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद हो जाता था। गुंजन शराब पीने का का आदी था। 25-26 फरवरी की रात को दोनों के बीच फिर से झगड़ा शुरू हो गया, जिसका शोर पड़ोसियों तक भी सुनाई दिया। रसोई में रखे चाकू से वार, परने से गला घोंटा झगड़े के दौरान सुषमा और आकाश ने रसोई में रखे चाकू से गुंजन पर कई वार कर दिए। चाकू के वार से वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद मां-बेटे ने परने से उसका गला कसकर घोंट दिया और उसी रात मौके से फरार हो गए। पकड़े जाने के डर से आकाश ने पुलिस को गुमराह करने की चाल चली। उसे पता था कि पुलिस सबसे पहले उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करेगी या फिर मथुरा स्थित उसके घर पर दबिश देगी। पुलिस को गुमराह करने के लिए पठानकोट, बठिंडा व आगरा गया ऐसे में आकाश उसी रात अपनी मां के साथ ट्रेन से पठानकोट चला गया। वहां कुछ समय रुकने के बाद वे लोकेशन बदलने के लिए बठिंडा पहुंच गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने अगली लोकेशन आगरा चुनी और ट्रेन से वहां पहुंच गए। जसपाल सिंह ने बताया कि पुलिस लगातार दोनों को ट्रेस कर रही थी और इसी दौरान पुलिस मथुरा में उनके घर भी पहुंची, जहां आकाश की पत्नी मिली। आकाश की पत्नी से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की सही लोकेशन का पता चला, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर यमुनानगर लाया गया। उन्होंने बताया कि आकाश की पत्नी को भी यह नहीं पता था कि वे दोनों हत्या करके भाग रहे हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सुषमा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि उसके बेटे आकाश को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस को गुमराह करने के लिए लोकेशन बदलते रहे मां-बेटा:यमुनानगर का लिव-इन रिलेशन केस, जिसके लिए पति-बच्चा छोड़ा 11 साल बाद उसी की हत्या
