ऋषिकेश की दीवारों पर उभरती यह कला केवल रंगों का खेल नहीं है, बल्कि यह शहर की आत्मा का विस्तार है. आज जब कोई ऋषिकेश की गलियों से गुजरता है तो उसे सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि कहानियां दिखाई देती हैं. रंगों से सजी ये दीवारें शहर की सकारात्मक सोच, रचनात्मकता और सामूहिक प्रयास का प्रतीक बन चुकी है.
मां गंगा, योग साधना और पहाड़ी संस्कृति, योग नगरी ऋषिकेश की दीवारों पर उभरी रंगों की नई पहचान
