हिसार : मां-बेटी ने योगासन प्रतियोगिता से लहराया परचम

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अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। जिले के गांव किरोड़ी की मां-बेटी की जोड़ी

ने इसे सच साबित कर दिखाया है। पांचवी जिला योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप में

अमरजीत कौर और उनकी बेटी सानवी सिंह ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल कई पदक जीते,

बल्कि पूरे हिसार का गौरव बढ़ाया है। डीएन कॉलेज में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले

भर से सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, लेकिन अमरजीत और सानवी की जोड़ी ने अपनी

साधना और समर्पण से सबका ध्यान खींचा।

जूनियर बालिका वर्ग में, सानवी सिंह ने अपनी लचीलता

और संतुलन का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बैक बेंड और लेग बेंड जैसी श्रेणियों

में पदक जीतकर यह साबित किया कि योग साधना के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। उनकी इस सफलता

को उनकी मां अमरजीत कौर के अनुभव ने और भी चमका दिया।

वरिष्ठ वर्ग में अमरजीत कौर ने अपनी योगिक कुशलता

का परिचय दिया। उन्होंने बैक बेंड, हैंड बेंड, डिवाइन बॉडी और लेग बेंड जैसी कठिन श्रेणियों

में कई पदक अपने नाम किए। मां-बेटी की यह उपलब्धि योग को परिवार में एक पीढ़ी से दूसरी

पीढ़ी तक ले जाने का एक अद्भुत उदाहरण पेश करती है।

योग में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त अमरजीत

कौर केवल एक खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि एक समर्पित शिक्षिका और समाजसेवी भी हैं। पिछले

कई वर्षों से, वे ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से हजारों लोगों को निःशुल्क योग सिखा

रही हैं। उनका मानना है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मन को भी अनुशासित

और सकारात्मक बनाता है। अमरजीत कौर सिर्फ योग तक ही सीमित नहीं हैं। वे महिलाओं को

आत्मनिर्भर बनाने, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य व पर्यावरण के प्रति

जागरूकता फैलाने जैसे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से जुटी रहती हैं। स्थानीय

स्तर पर वे एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जानी जाती हैं।

अपनी इस उपलब्धि पर अमरजीत कौर ने मंगलवार काे अपने गुरुजनों

और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके मार्गदर्शन और

आशीर्वाद से ही संभव हो पाई है। उन्होंने विशेष रूप से योग गुरु स्वामी रामदेव, जयदीप

आर्य, ईश आर्य, भारत स्वाभिमान पतंजलि हिसार प्रभारी डॉ. मुकेश, योगासन स्पोर्ट्स सचिव

अनुज कौशिक और महिला प्रभारी कविता का धन्यवाद किया, जिन्होंने हमेशा उनका मार्गदर्शन

किया। अब यह मां-बेटी की जोड़ी राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने की तैयारी

कर रही है।