मोहन कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को किसानों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया की रबी सीजन में वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं पर 40 रुपए प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के लिए 4,525 करोड़ की स्वीकृति
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसमें उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 किमी के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए 945 करोड़ 20 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास के लिए अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।
मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1543 करोड़, मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1,476 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये के लिए 200 करोड़ 35 रुपए की स्वीकृति दी गई है। वहीं कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और मरम्मत के लिए 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपए की स्वीकृति
कैबिनेट ने रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रुपए को मंजूरी दी है। इससे 7350 हेक्टेयर सिंचाई होगी। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा कैबिनेट ने मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। “मध्यप्रदेश भंडार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किए जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। पहले विजयवर्गीय से मिले फिर कैबिनेट बैठक में शामिल हुए प्रहलाद
विधानसभा के बजट सत्र के बाद से पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्रिपरिषद की बैठकों में नजर नहीं आ रहे थे। आज यानि 17 मार्च की शाम को भोपाल में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में शामिल होने से पहले प्रहलाद पटेल मंत्रालय में स्थित कैलाश विजयवर्गीय के कक्ष में पहुंचे। विजयवर्गीय से मुलाकात के बाद दोनों मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल हुए।
मोहन कैबिनेट, किसानों को मिलेगा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस:समर्थन मूल्य पर बोनस दिए जाने का निर्णय, पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना को मंजूरी
