कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तारीफ करने जाने के बाद राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। जहां कांग्रेस के भीतर इस बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खुलकर अब दिग्विजय सिंह के समर्थन में सामने आए हैं। विजयवर्गीय ने सोमवार को एक्स पर दिग्विजय सिंह के बयान का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सच कहने का साहस भी होना चाहिए जो हर किसी में नहीं होता। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की तारीफ कर अपने साहसी होने का परिचय दिया है। हालांकि, इससे दिल्ली दरबार में उनके नंबर अवश्य कम हुए होंगे, पर दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के अंदर 50 के दशक के नेता सरदार पटेल और अन्य नेताओं की उस परंपरा पर चलने का काम किया है जो सच कहने की हिम्मत रखते थे। यही लोकतंत्र की असली खूबसूरती है। दिग्गी ने मोदी की फोटो पोस्ट कर बताई थी संगठन की शक्ति
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक ट्वीट किया था। जिसमें लिखा था कि Quora site पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार RSS का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ-भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम। यह खबर भी पढ़ें…. कांग्रेस सांसद ने दिग्विजय के बयान पर जताया था ऐतराज
तमिलनाडु की विरुधुनगर से सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मणिकम टैगोर ने रविवार को दिल्ली में दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर कहा कि आरएसएस नफरत का संगठन है। वो संगठित तरीके से नफरत फैलाता है। उससे सीखने के लिए कुछ नहीं हैं। आप अलकायदा से कुछ सीख सकते हैं क्या? अलकायदा एक नफरत का संगठन है वो दूसरों से नफरत करता है, उस संगठन से सीखने के लिए क्या है? यहां पढ़ें पूरी खबर…
दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय:बोले- सरदार पटेल की तरह सच कहने की परंपरा को आगे बढ़ाया
