होली पर MP में मावठा गिरेगा!:नए सिस्टम का दिखेगा असर; चक्रवात-ट्रफ की वजह से बादल छाए

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मध्य प्रदेश में होली के दिनों में मावठा गिरने यानी, आंधी-बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग की माने तो 2 मार्च से हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। यह एमपी में भी असर दिखा सकता है और ग्वालियर-चंबल हिस्से में मौसम बदला रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी हिस्से में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम (चक्रवात) एक्टिव है। वहीं, एक ट्रफ की एक्टिविटी भी प्रदेश में देखने को मिल रही है। इस वजह से शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। हालांकि, इससे पारे में कोई फर्क नहीं पड़ा। 34°C पार रहा तापमान, खरगोन सबसे गर्म
आंधी-बारिश और ओले का दौर थमने के बाद प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार रहा। वहीं, रात में यह 18 डिग्री से ज्यादा पहुंच गया है। शुक्रवार को प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में ही पारा 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 30 डिग्री या इससे अधिक ही रहे। सबसे गर्म खरगोन में तापमान 34.8 डिग्री पहुंच गया। वहीं, 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.2 डिग्री, ग्वालियर में 32.7 डिग्री, उज्जैन-जबलपुर में 33 डिग्री रहा। रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। सागर में सबसे ज्यादा 18.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 18.2 डिग्री रहा। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा-टीकमगढ़ में 16 डिग्री और रतलाम-धार में 17 डिग्री या इससे ज्यादा पहुंच गया। फरवरी में 4 बार बदला बारिश का दौर
बता दें कि इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला है। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। 20 जिलों में बिगड़ चुका मौसम
इससे पहले 24 और 25 फरवरी को साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहा। 2 दिन में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर रहा। कुछ में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं-चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग की माने तो शनिवार को मौसम साफ रहेगा। कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।
इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।