प्रचंड की नीतियों का विरोध करते हुए उनकी ही पार्टी के विधायक ने अपने मुंह पर कालिख पोती

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यह घटना शनिवार की है, जब प्रदेश सभा में नवनियुक्त मुख्यमंत्री जीतेन्द्र सोनल विश्वास का मत ले रहे थे। माओवादी पार्टी इस सरकार को समर्थन कर रही थी, लेकिन उसी पार्टी के रोहबर अंसारी ने विश्वास मत के दौरान प्रदेश सभा में अपनी मुंह पर कालिख पोत ली और कहा कि वो सरकार को समर्थन नहीं दे सकते हैं। अंसारी ने कहा कि प्रचंड के हर बार नीति बदलने के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि प्रचंड अपनी सुविधा और अपने व्यक्तिगत राजनीतिक फायदे के लिए कभी इस गठबंधन में कभी उस गठबंधन में जाते रहते हैं। उनकी इसी नीति से तंग आकर मैंने सरकार को समर्थन नहीं देने का फैसला लिया है।

दरअसल, 25 दिन पहले बनी सोनल के नेतृत्व की सरकार से शनिवार को माओवादी पार्टी और जनमत पार्टी के दो-दो विधायकों ने विरोध किया, जिसके बाद विश्वास का मत नहीं पाने के कारण सरकार गिर गई।