मनीषा कल्याण ने अस्मिता लीग को बताया युवा खिलाड़ियों के लिए ‘दुर्लभ मंच’

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मनीषा ने टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही 8 टीमों से कहा, “मैं अब भी फीफा वर्ल्ड कप और ओलंपिक खेलने का सपना देख रही हूं। ऑस्ट्रेलिया में होने वाले एएफसी महिला एशियन कप के लिए क्वालीफाई करने के बाद हमारा विश्वास और बढ़ा है। जितने ज्यादा गुणवत्तापूर्ण मैच खेलोगे, उतने बेहतर बनोगे।” मनीषा ने कहा, “नॉर्थ ईस्ट के लोगों के खून में फुटबॉल है। यहां से नेशनल टीम में 11 खिलाड़ी हैं। आने वाले समय में यहां से कई खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सरकार के सहयोग से खेल का माहौल बेहतर हो रहा है।”

मनीषा के साथ असम की दो उभरती खिलाड़ी रेखा कतकी और दोसमी रोवतिया भी मौजूद थीं। दोनों अस्मिता लीग से निकलकर असम फुटबॉल में बड़ा नाम बना रही हैं। दोसमी नेशनल कैंप में जगह बना चुकी हैं, जबकि रेखा ने इंडियन वूमेंस लीग डिवीजन-2 में नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी की कप्तानी की है।

खेल मंत्रालय की ‘स्पोर्ट्स फॉर वुमेन’ योजना के तहत अस्मिता के तहत पूर्वोत्तर में फुटबॉल लीगों की संख्या 2022-23 से पांच गुना बढ़ी है। 2024-25 में 25 फुटबॉल लीग में 1615 लड़कियों ने भाग लिया, जबकि 2025-26 में 15 खेल विधाओं में 852 अस्मिता लीग आयोजित होने की योजना है, जिनमें 70,000 से अधिक महिला खिलाड़ी भाग लेंगी।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि नॉर्थ ईस्ट-विशेष खेलो इंडिया गेम्स को कैलेंडर में जोड़ा जाएगा। मनीषा ने इसे ‘शानदार पहल’ बताते हुए कहा कि इससे इस क्षेत्र के खिलाड़ियों को और अधिक अवसर व एक्सपोजर मिलेगा।