माकपा का कहना है कि प्रदेश सरकार बड़ी हुई दरों को वापस लें। पानी के बिल पहले की भांति हर दो महीने में लिया जाए। ताकि शहर वासियों को सुविधा हो सके। अभी भी दिसंबर 2024 तक का कुछ जगहों पर बल दिया गया है अगस्त खत्म होने वाला है परंतु इस वर्ष का कोई भी बिल अभी तक विभाग देने में नाकाम रहा है जिस कारण लोगों के अत्यधिक बल आ रहे हैं।
जल शक्ति अधिशासी अभियंता मंडी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि शेष बिलों को भी जल्द ही दिया जाएगा। यदि विभाग व सरकार समय पर उपरोक्त मांगों का हल नहीं करती है तो आने वाले समय में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, अन्य जन संगठन और शहर की आम जनता के साथ मिलकर शहर में एक उग्र आंदोलन चलेगी। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और विभाग की होगी।
