फरीदाबाद में 6 हत्याएं करने वाला दोषी साबित:4 साल में  26 गवाह हुए पेश हुए ,21 जनवरी  को सजा सुनाएगी कोर्ट

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फरीदाबाद में युवती की गला दबाकर हत्या करने के मामले में कुख्यात साइको किलर सिंहराज को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट के द्वारा दोषी को 21 जनवरी को सजा सुनायी जाएगी। जनवरी 2022 में भूपानी निवासी एक युवती की हत्या के मामले में यह फैसला सुनाया गया है। आरोपी सिंहराज ने युवती के साथ पहले छेड़छाड़ की थी। जिसके बाद युवती के द्वारा छेड़खानी की जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी उसको दी गई। इसी के चलते उसने युवती की गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को आगरा नहर में फेंक दिया सिंहराज अब तक 6 हत्याएं कर चुका है। जिनमें 3 नाबालिग लड़कियां शामिल है। इसके अलावा उसने अपने चाचा और चचेरे भाई को मौत के घाट उतार दिया। दोषी पर अलग-अलग कोर्ट में पोक्सो के तीन और मामले चल रहे हैं। सिंहराज सेक्टर-16 स्थित एक निजी अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। क्या था पूरा मामला मामले की जांच के अनुसार, 2 जनवरी 2022 को ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र में युवती की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। परिजन पूनम ने बताया कि उसकी भांजी ओल्ड फरीदाबाद बाजार जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने मोबाइल रिकॉर्ड की जांच की तो युवती की आखिरी बातचीत जसाना निवासी 58 वर्षीय सिंहराज से हुई पाई गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सिंहराज सेक्टर-16 स्थित एक निजी अस्पताल में सुरक्षा कर्मी के रूप में कार्यरत था। उसने स्वीकार किया कि 31 दिसंबर को उसने युवती को सेक्टर-17 के पास बुलाया और वहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसने आगरा नहर में फेंक दिया, हालांकि शव झाड़ियों में फंस गया, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि युवती सिंहराज को छेड़खानी करने की बात सभी को बताने की कह कर ब्लैकमेल कर रही थी, इसलिए सिंहराज ने उसकी हत्या कर दी थी। जांच में दूसरे मामलों का खुलासा हुआ इस एक हत्या के खुलासे के बाद आरोपी के आपराधिक इतिहास की परतें खुलती चली गईं। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में सिंहराज ने तीन नाबालिग लड़कियों की हत्या करने की बात भी कबूल की। उसने 2019 में चाय की रेहड़ी लगाने वाले की नाबालिग बच्ची की छेड़खानी का विरोध करने पर हत्या की थी। इसके बाद अगस्त-2020 में 12 साल की लड़की की अस्पताल में ही छेड़खानी का विरोध करने पर हत्या की और फिर जून-2021 में उसने अस्पताल में सफाई करने वाली नाबालिग की छेड़खानी का विरोध करने पर तीसरी हत्या की थी। चाचा-चचेरे भाई को मौत के घाट उतारा पुलिस की जांच के दौरान एक चौकाने वाला मामले का भी खुलासा हुआ । आरोपी सिंहराज ने 1987 में ही अपने चाचा और चचेरे भाई की भी हत्या की बात भी कबूल की थी। पुलिस इस मामले में कोई ठोस सबूत नही जुटा पाई जिसके बाद उसको दोनों केस में सबूत के अभाव छोड़ दिया गया। 4 साल में 26 गवाह हुए पेश हुए Deputy District Attorney – DDA रेखा जेएस जांगड़ा ने भूपानी वाली युवती के परिवार की तरफ से इस केस को कोर्ट में लड़ा। उन्होंने बताया कि 4 साल के इस समय में इस केस में 26 गवाह पेश किए गए. मामले में कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं था, जिसने दोषी को युवती को मारते हुए या नहर में फेंकते हुए देखा हो। काल रिकार्डिंग की बनी अहम सबूत लेकिन मामले में फोन की काल रिकार्डिंग ही अहम सबूत बनी। दोषी ने युवती की हत्या करने के बाद उसकी नानी के पास आडियो मैसेज भेजा था, जिसमें उसने कहा कि उसने उसकी नातिन की हत्या कर दी है।इन्हीं साक्ष्यों को आधार मानकर साइको किलर सिंहराज को अब अदालत ने दोषी ठहराया है। 21 जनवरी को सजा सुनाएगी कोर्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने सिंहराज को दोषी करार दिया है। लेकिन कोर्ट के द्वारा दोषी सिंहराज को 22 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। इसलिए सभी की निगाहे 21 जनवरी पर टिकी हुई है।