पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात की। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे। मुलाकात के बाद ममता ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैं चार बार मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। मैंने उनसे कहा, ‘मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती। एक दिन आपको जाना ही होगा। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होता हैं, लेकिन आपने 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौका नहीं दिया। यह चुनाव आयोग नहीं BJP का IT सेल है।’ इसके पहले सुबह ममता ने दिल्ली पहुंचते ही कहा कि वे SIR के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी। अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी। बंग भवन के बाहर दिल्ली पुलिस की तैनाती बंगाल में 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे
दरअसल, चुनाव आयोग ने 19 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल में हुए SIR की नई वोटर लिस्ट जारी की। ड्राफ्ट रोल के बाद कुल मतदाता 7.08 करोड़ हैं। पहले 7.66 करोड़ थे। कुल 58 लाख 20 हजार से ज्यादा नाम काटे गए हैं। पश्चिम बंगाल में सुनवाई प्रक्रिया जारी नई लिस्ट जारी होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। पहले चरण में उन लगभग 30 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म में प्रोजेनी मैपिंग (वंशावली मिलान) दर्ज नहीं पाई गई है। इसके अलावा विभिन्न जिलों की ‘संदिग्ध’ श्रेणी में शामिल मतदाताओं को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है। 12 राज्यों में चल रही SIR की प्रोसेस फिलहाल देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही है। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को जारी की जाएगी। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR हो रहा है- अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल। चुनाव आयोग के अनुसार, 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच छपाई और प्रशिक्षण का कार्य हुआ। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना (एन्यूमरेशन) चरण चला। मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर को प्रकाशित की गई। इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियों की अवधि रही। नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) 9 दिसंबर से 31 जनवरी तक चला, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा। ——————————————– ये खबर भी पढ़ें: ममता बोलीं-SIR की चिंता में बंगाल में रोज 4 आत्महत्याएं:110 से ज्यादा लोगों की मौत हुई; चुनाव आयोग और केंद्र सरकार जिम्मेदार पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल में SIR की चिंता में हर रोज 3 से 4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। अब तक 110 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। 40-45 लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इतने साल बाद क्या हमें यह साबित करना पड़ेगा कि हम इस देश के नागरिक हैं? पढ़ें पूरी खबर…
ममता काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं:बोलीं- चुनाव आयोग BJP का IT सेल है, ऐसा झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा
