ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी असंगानंद सरस्वती काे दी गई जल समाधि

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ऋषिकेश, 2 दिसंबर । ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद सरस्वती महाराज को मंगलवार दोपहर को रामझूला, स्वर्गाश्रम के पास संत परंपरा के अनुसार जलसमाधि दे दी गई। इससे पहले परमार्थ निकेतन में देशभर से पहुंचे संतों, महंतों, महामंडलेश्वर, आचार्यों, परमार्थ गुरूकुल, कोटद्वार परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों सहित तमाम लोगों ने उन्हें नमन कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। स्वामी असंगानंद के ब्रह्मलीन होनेके शोक में आज रामझूल, स्वर्गाश्रम बाजार बंद रहे। परमार्थ निकेतन की गंगा आरती भी आज उनके श्रीचरणों को समर्पित की गई।

दैवीय सम्पद मंडल के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी असंगानंद सरस्वती महाराज काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। सोमवार दोपहर को वे ब्रह्मलीन हो गए। इसकी खबर फैलते ही दैवी सम्पद् मंडल, परमार्थ निकेतन और साधु संत समाज में शाेक व्याप्त हाे गया। मंगलवार दोपहर को उन्हें जल समाधि दे दी गई। इससे पूर्व श्रद्धांजलि देते हुए परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि आज दैवी सम्पद् मंडल के एक युग का अंत हो गया। स्वामी असंगानन्द महाराज का जाना, वास्तव में एक युग का जाना है। वे अपने युग के अद्भुत तपस्वी, तेजस्वी, गंभीर, अंतर्दर्शी और अद्वितीय कर्मयोगी संत थे। वे केवल संन्यास की परम्परा नहीं थे, वे सहिष्णुता, सेवा, त्याग और ज्ञान की जीवित मूर्ति थे। उनकी सरलता, सहजता, करुणा और दिव्य हृदय की सुगंध सदैव हमें मार्गदर्शन देती रहेगी।

स्वामी असंगानन्द महाराज के ब्रह्मलीन की खबर पाकर मुमुक्ष आश्रम शाहजहांपुर के मुख्य अधिष्ठाता व स्वामी चिन्नमयानन्द सरस्वती महाराज, सचिव महानिर्वाणी अखाड़ा महंत रविन्द्रपुरी महाराज, रायबरेली आश्रम से स्वामी ज्योतिर्मयानन्द सरस्वती महाराज, हरिद्वार से महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द महाराज, अमर प्रेम आश्रम हरिद्वार के महामण्डलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द महाराज, आनन्द धाम हरिद्वार केमहामण्डलेश्वर स्वामी विवेकानन्द सरस्वती महाराज, योगानन्द योग फाउण्डेशन हरिद्वार के स्वामी सत्यव्रतानन्द सरस्वती महाराज, गौ सेवा संस्थान जोधपुर के पूज्य महामंडलेश्वर गौ ऋषि स्वामी ज्ञान स्वरूपानन्द अक्रिय महाराज, स्वामी हरिहरानन्द महाराज, स्वामी मैथिलीशरण महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती, स्वामी गंगेश्वरानन्द के अलावा देशभर से पहुंचे बड़ी संख्या में संत, महंत, विद्वान और साधकों ने उन्हें अंतिम वंदन किया।

इस अवसर पर स्वामी शुकदेवानन्द ट्रस्ट के ट्रस्टी व्हीके माहेश्वरी, रमन अरोड़ा, साध्वी आभा सरस्वती, रामअनन्त तिवारी, योगाचार्य विमल बधावन, अरूण सारस्वत, परमार्थ गुरूकुल के सभी आचार्यगण, सभी ऋषिकुमार और परमार्थ निकेतन परिवार ने भी श्रद्धांजलि दी। आज रामझूला, स्वर्गाश्रम इलाओ के बाजार भी बंद रहे।