कुरुक्षेत्र में विधवा के हत्यारे चाचा ससुर को आजीवन कारावास:गलत काम करने की कोशिश, विरोध करने पर दबाया था गला

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कुरुक्षेत्र जिले की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने विधवा पुत्रवधू (बहू) की हत्या करने के दोषी चाचा ससुर को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी दसई के गणेश सिरसिया जिला मोतीहारी बिहार पर 50 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। दसई ने गलत का काम विरोध करने पर गला दबाकर पुत्रवधू को मौत के घाट उतार दिया था। रामचंद्र हाल निवासी अंबाला कैंट ने 5 जुलाई 2022 को पुलिस बयान में बताया था कि करीब 3 साल पहले उसके बड़े बेटे राजेश की करंट लगने से मौत हो गई थी। उसकी पुत्रवधू मुन्नी देवी (30) अपने बेटा-बेटी के साथ इस्हाक गांव में किराए पर रहते थे, उसी गांव में उसका भाई दसई भी रहता है। तीन जुलाई की रात उसकी पुत्रवधू मुन्नी देवी बच्चों को खाना खिलाकर सो गई थी। बाथरूम में मिला मुन्नी का शव रात करीब सवा 12 बजे मेरे पोते की आंख खुली, तो उसने देखा कि उसकी मां बिस्तर पर नही थी। घर में देखने पर उसकी मां का शव बाथरूम में पड़ा हुआ था। पहले पुलिस ने इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी दसई को गिरफ्तार किया था। गलत काम के इरादे से गया दसई पुलिस पूछताछ में आरोपी दसई ने कबूल किया था कि उस रात उसने मुन्नी के साथ गलत काम करने की कोशिश की थी। विरोध करने उसने गला दबाकर मुन्नी की हत्या कर दी थी। मुन्नी के पति राजेश ने अपने चाचा दसई से कर्ज लिया था। राजेश की करंट लगने से मौत के बाद उसके परिवार को 5 लाख रुपये क्लेम मिला था। आरोपी क्लेम से अपना कर्ज वापस लेने के लिए भी तंग करता था। साढ़े तीन साल बाद फैसला जिला उप न्यायवादी दीपक अग्रवाल ने बताया कि मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश की कोर्ट ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आरोपी दसई को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को 6 महीने के अतिरिक्त साधारण कारवास की सजा काटनी होगी।