कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सचिव पारुल थपलियाल ने कहा कि हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने हिंदी को भारत संघ की राजकीय भाषा का दर्जा दिया था।
उन्होंने हिंदी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए इसके सम्मान को बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों तक गर्व के साथ पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और विद्यार्थियों को नशा उन्मूलन, साइबर अपराध और पॉक्सो कानून के प्रावधानों की जानकारी दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय जीवन में हिंदी का महत्व, एकता के लिए हिंदी को जोड़ना और हिंदी के माध्यम से विधिक जागरूकता का प्रचार विषयों पर विद्यार्थियों ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
आयोजन में प्राविधिक स्वयं सेवक उमा भंडारी और रिटेनर अधिवक्ता तारा आर्या ने नालसा टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी। सचिव ने वाद-विवाद प्रतियोगिता और कविता पाठ के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में यशवंत कुमार, अंबिका, विद्यालय की प्रधानाचार्या और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
