कैथल में आज सूर्यकुंड मेले में पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु:सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध, चैत्र माह में लगता है मेला

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कैथल में माता गेट स्थित सूर्यकुंड प्राचीन काली माता मंदिर में चैत्र नवरात्र मेले मका आज दूसरा दिन रहेगा। आज मेले में लाखों की संख्या में लोग पूजा पाठ करने के लिए पहुंचेंगे। हालांकि पहले दिन मेले की शुरूआत में लोगों की संख्या कम रही, लेकिन आज भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मेले में दुकानें सजी हुई हैं और झूले लगे हैं। मेले में हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और यूपी श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। देर शाम तक मेला जारी रहेगा। रूट किए डायवर्ट पुलिस की ओर से मेले के दृष्टिगत आसपास के क्षेत्र में रूट को डायवर्ट किया गया है। सीवन बाईपास से हिंद सिनेमा जाने वाले वाहन खुराना रोड और अंबाला रोड से जाएंगे। डोगरा गेट से सीवन गेट जाने वाले वाहन प्रताप गेट मार्ग का उपयोग करेंगे व बस स्टैंड जाने वाले वाहन भगत सिंह चौक से न्यू करनाल रोड का रास्ता अपनाएंगे। करीब 3 एकड़ क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की है। भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, जिससे आवागमन व्यवस्थित रहेगा। 250 पुलिसकर्मी तैनात किए मेले की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 250 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें 50 ट्रैफिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा मंदिर समिति के 120 सेवादार भी व्यवस्था संभालेंगे। सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी की जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी। मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा बता दें कि सूर्यकुंड मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है और यह 48 कोस कुरुक्षेत्र परिधि का प्रमुख तीर्थ है। मान्यता है कि युधिष्ठिर ने यहां नवग्रह कुंडों की स्थापना की थी, जिनमें सबसे बड़ा सूर्यकुंड है। यहां स्थित काली माता मंदिर को बाजीगर समाज की कुलदेवी माना जाता है। परंपरा के अनुसार विवाह के बाद नवविवाहित जोड़े यहां माथा टेककर अपने नए जीवन की शुरुआत करते हैं। मंदिर के महंत महंत रमनुपरी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने में सहयोग दें।