लाखन-माजरा स्पोर्ट्स नर्सरी हादसा: मानव अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट:कहा-हादसा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा; उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित करने के निर्देश

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हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने रोहतक के लाखन माजरा स्पोर्ट्स नर्सरी में बास्केटबॉल पोल गिरने नाबालिग खिलाड़ी हार्दिक की मौत मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा कि, यह घटना संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही और कर्तव्य में गंभीर चूक का नतीजा है। मानव अधिकार आयोग निर्देश में कहा कि अभी तक रोहतक DC अपनी रिपोर्ट में घटना के वास्तविक कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन तथा शोक संतप्त परिवार को मुआवजा प्रदान किए जाने के संबंध में कोई ठोस एक्शन नहीं ले पाए हैं। रिपोर्ट में केवल बास्केटबॉल स्टेडियम निर्माण के लिए MPLADS पोर्टल से ₹17,80,294/- की राशि स्वीकृत किए जाने का उल्लेख है। आयोग ने यह भी पाया कि 26 नवंबर गठित जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट अब तक प्रस्तुत नहीं की गई है। सुरक्षा देना राज्य की जिम्मेदारी : आयोग हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा के नवीनतम आदेश में कहा है कि हरियाणा राज्य खेलों के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और राज्य सरकार द्वारा खेल अवसंरचना के विकास पर पर्याप्त सार्वजनिक धन व्यय किया गया है। ऐसी स्थिति में सार्वजनिक धन से निर्मित खेल सुविधाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है। किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल खेल प्रोत्साहन के उद्देश्य को विफल करती है, बल्कि युवा खिलाड़ियों के जीवन एवं गरिमा को भी संकट में डालती है। 8 पॉइंट में समझिए आयोग के निर्देश… 19 मई को फिर होगी सुनवाई सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने जानकारी दी कि प्रधान सचिव, खेल विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे जांच समिति की रिपोर्ट अगली निर्धारित सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पूर्व आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, महानिदेशक, खेल एवं युवा मामले विभाग, हरियाणा, पंचकूला को भी लंबित विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र आयोग को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध तथ्यों एवं आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए, इस प्रकरण की अगली सुनवाई आयोग के समक्ष 19 मई 2026 निर्धारित की गई है।