सिरसा लोकसभा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस समझौते के कुछ प्रावधान भारतीय किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और घरेलू उद्योगों को असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति में खड़ा कर सकते हैं। मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि, यदि अमेरिकी कृषि, खाद्य और औद्योगिक उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को व्यापक रूप से खोला जाता है, जबकि भारतीय निर्यात पर उच्च टैरिफ (शुल्क) और अन्य गैर-शुल्क बाधाएं बनी रहती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव देश की कृषि अर्थव्यवस्था, कुटीर उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं रोजगार क्षेत्र सैलजा ने कहा कि विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रबड़, रसायन तथा कारीगर उत्पाद जैसे क्षेत्र, जो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, इस प्रकार की असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए समझौते में कौन-कौन से ठोस सुरक्षा प्रावधान (सेफगार्ड) शामिल किए गए हैं। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता समानता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित के आधार पर होना चाहिए। संसद और देश की जनता के समक्ष इस व्यापार समझौते का पूर्ण विवरण रखा जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और लघु उद्योगों के हितों से किसी प्रकार का समझौता न हो।
कुमारी सैलजा ने भारत-अमेरिका डील पर उठाए सवाल:सिरसा सांसद बोलीं- बताएं कौन से ठोस सुरक्षा प्रावधान, कुटीर उद्योगों पर पड़ेगा असर
