गुरुग्राम से एक ऑटो ड्राइवर और उसके दो बच्चों को किडनैप करने वाले किडनैपर्स की बॉलेरो कार का यूपी के बरेली में एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में तीन किडनैपरों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हालांकि, गुरुग्राम से किडनैप दोनों बच्चों को जान बच गई है और उन्हें चोट आई है। सूचना मिलने पर गुरुग्राम की डीएलएफ फेस एक थाना पुलिस की टीम बच्चे की मां पूजा को लेकर बरेली पहुंची है। बॉलेरो में जो दो बच्चे बाल-बाल बच गए, उनका अपहरण किया गया था। बॉलेरो में जो चार लोग सवार थे, वह उन बच्चों के किडनैपर थे। उन चार किडनैपर में से तीन की मौत हो गई। यह जानकारी तब सामने आई जब बरेली पुलिस ने घायल बच्चों की फोटो लेकर उनसे पूछताछ के बाद गुरुग्राम भेजा। फोटो से दोनों बच्चों की पहचान हुई और अपहरण की पूरी बात सामने आ गई। अब गुरुग्राम पुलिस बरेली पुलिस के साथ संयुक्त रूप से इस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस किडनैपिंग में और कौन-कौन शामिल था। हादसे की 4 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला… बरेली में रविवार दोपहर करीब 3 बजे सीबीगंज थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे खड़े टैंकर से बॉलेरो टकरा गई। पीछे से आ रहे बाइक सवार दो युवक भी बॉलेरो में घुस गए। हादसे में बाइक सवारों समेत 5 लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आधी बॉलेरो खत्म हो गई। उसकी छत उखड़ गई। हादसे में 3 बॉलेरो और 2 बाइक सवारों की मौत हुई थी। गाड़ी को काटकर शवों को निकाला गया था। बॉलेरो रामपुर की तरफ जा रही थी, जबकि बाइक सवार युवक मछली पकड़ने जा रहे थे। हादसे में जान गंवाने वाले मनमोहन सिंह के पिता नत्थू लाल ने बताया कि बेटे ने 15 दिन पहले ही बॉलेरो खरीदी थी और उसी गाड़ी में उसकी मौत हो गई। मनमोहन की 26 अप्रैल को शादी तय थी।
बॉलेरो और बाइक सवार की पहचान बॉलेरो में ड्राइवर समेत 6 लोग सवार थे। इनमें बरेली के टांडा-सिकंदरपुर निवासी मनमोहन सिंह, पीलीभीत निवासी उसका रिश्तेदार सिकंदर और दो अन्य शामिल थे। बॉलेरो को ड्राइवर प्रिंस चला रहा था। हादसे में मनमोहन और सिकंदर की मौत हो गई। तीसरे युवक की पहचान नहीं हो सकी थी। ड्राइवर और दो बच्चे हादसे में घायल हैं। बाइक सवारों की पहचान बरेली के अटा कायस्थान निवासी साहबजाद खां (45) और उसी मोहल्ले के मुमताज खां के रूप में हुई। पुलिस की जांच में अपहरण का खुलासा… गांव के ही ऑटो ड्राइवर के बेटों को अगवा किया
हादसे के बाद पुलिस बॉलेरो सवार मृतकों की पहचान में जुटी थी। जांच में सामने आया कि बॉलेरो में 4 बदमाश सवार थे, जो 2 बच्चों को किडनैपर करके ले जा रहे थे। हरियाणा के गुरुग्राम से दोनों बच्चों को किडनैप किया गया था। यह अपहरण फिरौती के लिए की गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हादसे में जान गंवाने वाला मनमोहन ही अपहरण की इस वारदात का मास्टरमाइंड था। वह बरेली के फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर का रहने वाला था। मनमोहन ने गुरुग्राम में रहकर ऑटो चलाने वाले अपने ही गांव के रहने वाले मनोज को निशाना बनाया। तफ्तीश में जुटी थी गुरुग्राम पुलिस, बरेली हादसे से तस्वीर साफ
पुलिस के अनुसार, मनोज से मोटी रकम वसूलने के नियत से बदमाशों ने शनिवार को हनुमान मंदिर के पास से उसे और उसके दो बेटों, मयूर (6) और लक्ष्य (3) को अगवा कर लिया था। मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि अपहरण के बाद बदमाशों ने फोन पर धमकी दी थी कि अगर पुलिस को बताया तो सबको मार देंगे। बदमाशों ने मनोज को रोते हुए और बच्चों से भी बात करवाई थी। गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-1 पुलिस मामले की तफ्तीश कर ही रही थी कि रविवार शाम बरेली के सीबीगंज में हुए हादसे ने पूरी तस्वीर साफ कर दी। हादसे के बाद जब बरेली पुलिस राहत कार्य के लिए पहुंची, तो गाड़ी के अंदर दो बच्चे बेहोशी की हालत में मिले। बच्चों से उनके परिजनों का नंबर लिया और जब मां से फोन पर बात की तब पुलिस को किडनैपिंग का पता चला। एसपी सिटी मानुष पारीक ने तुरंत बच्चों के फोटो गुरुग्राम पुलिस को भेजे, जिसके बाद उनकी पहचान मयूर और लक्ष्य के रूप में हुई। बदमाश शनिवार की रात ही मनोज और उसके दोनों बच्चों का अपहरण कर अपने गांव ले आए थे। वहां मनोज को रोक लिया और बच्चों को छोड़ने गुरुग्राम जा रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। पुलिस ने मनोज को भी मनमोहन के घर से बरामद कर लिया है। जिन बच्चों का अपहरण हुआ, उनके परिवार को जानिए… गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-1 में रहकर ऑटो चलाने वाले मनोज के परिवार में पत्नी पूजा और दो बच्चे 6 साल का मयुर और 3 साल का लक्ष्य है। पत्नी पूजा घरों में खाना बनाने का काम करती है। इस वजह से दोनों बच्चों को मनोज अपने साथ रखता है। शनिवार को वो कुछ सवारियों को गुरुग्राम के हनुमान मंदिर छोड़ने गया था। वहीं से उसका और दोनों बच्चों का अपहरण कर लिया गया। मनोज मूल रूप से बरेली के फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर रहने वाला है। इसी गांव का मनमोहन भी है। मनोज की पत्नी पूजा ने बताया- हम लोग 8 सालों से गुड़गांव में किराए के घर में रह रहे हैं। जबकि 8 महीने पहले ही हमारे गांव का मनमोहन भी गुड़गांव आकर रहने लगा। एक ही गांव के होने की वजह से मेरे पति की जान पहचान मनमोहन से थी। मनमोहन ने अपने 3 अन्य साथियों रामपुर का विशेष यादव, प्रिंस और पीलीभीत के सिकंदर के साथ मिलकर पति और उसके दोनों मासूम बच्चों का बॉलेरो से अपहरण कर लिया। शनिवार शाम अपहरण करके ये लोग फरीदपुर पहुंचे। इसके बाद रविवार को ये चारों बदमाश दोनों बच्चों को लेकर गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। गुरुग्राम से बरेली आई थी बच्चों की मां
सड़क हादसे में तीन अपहरणकर्ताओं मनमोहन, सिकन्दर और विशेष की मौत हो गई, जबकि चौथा अपहरणकर्ता प्रिंस घायल है। प्रिंस ने पुलिस को बताया- हम लोग बच्चों और उसके पिता को गुड़गांव से किडनैप करके लाए थे। बच्चों के पिता को फरीदपुर में रखा है। इसके बाद पुलिस ने फरीदपुर से मनोज को सकुशल बरामद कर लिया है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि बच्चा की मां सोमवार सुबह अस्पताल पहुंची थी। उनके साथ गुड़गांव पुलिस भी आई थी।
गुरुग्राम से बच्चों के किडनैपर्स का यूपी में एक्सीडेंट:3 किडनैपरों की मौत; बच्चों की मां को बरेली लेकर पहुंची पुलिस
