मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खिलाड़ियों के प्रेरणा स्रोत हैं। इसके अतिरिक्त भारत के सभी लोगों के लिए वह आदर्श एवं अनुकरणीय है। परंपरागत खेलों को पुनः प्रचलन में लाने की आवश्यकता है। भारत के अनेक परंपरागत खेल लुप्त होते जा रहे हैं। इन परंपरागत खेलों से आपसी प्रेम, भाईचारा आदि का भाव भी विकसित होता था।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य बंधु भगिनी, खेल प्रभारी प्रगति कुमारी एवं मीडिया प्रभारी दीपक कुमार झा उपस्थित थे।
