कृषि मंत्री ने नींबू प्रजाति के फलों के विपणन को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए इनके पल्प और कॅनसंट्रेट तैयार कर विपणन की दिशा में ठोस पहल की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में योजनाबद्ध प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसलों को आवारा जानवरों से बचाने के लिए कांटेदार तार लगाने पर सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग समूह बनाकर इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। मंत्री ने सुझाव दिया कि किसान अदरक, धनिया और हल्दी की खेती भी बढ़ाएं जिन्हें बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते।
प्रो. चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति और जनजाति बहुल गांवों में बिजली, पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि इन क्षेत्रों का संतुलित विकास हो सके।
बैठक में समिति के गैर सरकारी सदस्यों ने सम्पर्क सड़कों के सुधार, स्कूलों में अध्यापकों के खाली पदों को भरने, विद्युत, स्वास्थ्य, पेयजल, सीवरेज से संबंधित करने के मुददे उठाए। इसके अतिरिक्त छृट्टी वाले दिन निर्धारित रूट्स पर बसें नहीं चलाने बारे भी शिकायत की गई जिस पर कृषि मंत्री ने गैर सरकारी सदस्यों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध समाधान करने के लिए अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी।
इससे पहले उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में जिन शिकायतों पर चर्चा की गई है उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
