कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार द्वारा किया गया, जबकि समापन सत्र में उपायुक्त हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रतिभागियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की धरती जितनी प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है, उतनी ही समृद्ध इसकी पारंपरिक पाक कला, पोषण संस्कृति और महिला शक्ति भी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वाद महोत्सव प्रशासन, समुदाय और स्वयं सहायता समूहों के बीच सहयोग और सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
रेसिपी प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र
महोत्सव में आयोजित रेसिपी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पारंपरिक व्यंजनों की विविधता को मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल में सहायक आयुक्त फूड सप्लाई सविता ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक शर्मा, तथा तकनीकी सहायक सतिंद्र शामिल रहे। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जय गौरा स्वयं सहायता समूह नगरोटा बगवां को द्वितीय पुरस्कार अकांक्षा स्वयं सहायता समूह धर्मशाला को जबकि तृतीय पुरस्कार जय दुर्गा एसएचजी, धर्मशाला को मिला।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागी महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों के संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
