शनिवार को जारी एक प्रेस बयान में पुनीत मल्ली ने कहा कि आपदा से अब तक प्रदेश में करीब 15000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है, लेकिन विशेष राहत पैकेज के नाम पर केंद्र सरकार ने फूटी कौड़ी नहीं दी। 2023 का पीडीएनए यानि पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट के दस हजार करोड़ रुपये में से भी एक पैसा नहीं दिया। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ का फंड तो हर वर्ष ही राज्य सरकारों को पूरे देश में मिलता है, चाहे आपदा आए या नहीं। 2023 में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आंकलन केंद्र सरकार की टीमों ने ही किया था, बावजूद इसके कोई राहत पैकेज नहीं दिया गया।
मल्ली ने कहा कि भाजपा आपदा के नाम पर सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने का ही काम कर रही है। आज भाजपा का कोई बड़ा नेता व सांसद कंगना रनौत फील्ड में नहीं हैं। भाजपा ने आपदा पीड़ितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है और उनके नेता बयानवीर बने हुए हैं।
