कार्यक्रम में बलिदानी के बलिदान को नमन करते हुए परिजनों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बलिदानी के पिता सेवानिवृत सैनिक गरज सिंह ने पुत्र के बलिदान पर गर्व जताते हुए विश्वविद्यालय परिवार का इस सम्मान देने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि सेना में बलिदान बहुत मायने रखता है। उन्हें इस बात का गर्व है कि उनका बेटा इस देश के काम आया।
बलिदान देने वालों को याद करने का दिन है स्वतंत्रता दिवस : कुलपति
कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने विश्वविद्यालय परिवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह दिन आत्ममंथन का दिन होता है। 15 अगस्त मूलतः यह दिन हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को श्रद्धांजलि है। एकता, विकास और समृद्धि से भरे भविष्य के प्रति हमें अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करना होगा। आज का दिन वास्तव में हम सब के लिए आत्मनिरीक्षण का दिन है कि हम एक बार यह सोचें, यह देखें कि जिस धरा पर हमने जन्म लिया, जिस धरा ने हमें सब कुछ दिया, जिस देश में हमने जन्म लिया, जिस देश ने हमें सब कुछ दिया, बदले में हमने क्या दिया? आज का दिन प्रेरणा लेने का दिन है, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन बलिदान किया, इस देश के लिए ऐसे अनगिनत नाम हैं, आज का दिन है उनको याद करने का। इस मौके पर एमए हिंदी की छात्रा वैशाली वशिष्ट ने कविता और उदय विष्ट ने बांसुरी की धुन पेश कर खूब तालियां बटोरीं। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. नरेंद्र सांख्यान सहित अन्य अधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।
