जोर-जोर से थाली बजाकर सरकार को जगाने की एक और कोशिश

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28 दिन से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना, कैंडल मार्च, वाहन रैली, भैंस के आगे बीन बजाना, मोबाइल फ्लैश लाइट मार्च करने के बाद भी भाजपा की राज्य सरकार की घोर उपेक्षा के खिलाफ रोष व्यक्त करने के लिए धरना स्थल पर जोर जोर से थाली बजाकर राज्य की धामी सरकार को जगाने का प्रयास किया गया।

धरना स्थल पर सर्वसम्मति से तय किया गया कि आगामी 20 सितंबर को बुधपार्क हल्द्वानी में अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला द्वारा “भूमि अधिकार सम्मेलन” आयोजित किया जायेगा। इस भूमि अधिकार सम्मेलन में पूरे नैनीताल जिले के वन भूमि, नजूल भूमि पर बसे लोगों को आमंत्रित किया जायेगा। सभी वन भूमि, नजूल भूमि पर बसे लोग भूमि अधिकार सम्मेलन के माध्यम से संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर विचार विमर्श करते हुए एकजुट आंदोलन की घोषणा करेंगे।

भूमि अधिकार सम्मेलन से सरकार से सभी गरीबों भूमिहीनों को मालिकाना अधिकार देने की कार्ययोजना बनाने और राज्य विधानसभा से इस आशय का प्रस्ताव पारित करने की मांग उठाई जायेगी। धरना स्थल पर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक रूप से पाठ किया गया।

28 वें दिन के धरने में डा उर्मिला, वेद प्रकाश, आनन्द सिंह नेगी, समर्थन में अंबेडकर मिशन के अध्यक्ष जी आर टम्टा, सुंदर लाल बौद्ध, एडवोकेट गंगा प्रसाद, सुल्तानगरी से कमला लटवाल, बची सिंह कपकोटी, डा कैलाश पाण्डेय, क्रालोस संगठन के रईस अहमद, रियासत अली, पंकज चौहान, प्रेम सिंह नयाल, राजदा, सोहन लाल आदि बैठे।