राज्यपाल को लिखे पत्रमें कहा गया है कि यह नीति प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ सीधा-सीधा खिलवाड़ है और पिछले दरवाजे से अपने चहेते लोगों को सरकारी नौकरियों मे भर्ती करने का षड़यंत्र है क्योंकि पहले चरण मे भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है और दो वर्ष जॉब ट्रेनी के रूप मे कार्य करने के पश्चात चयनित उम्मीदवारों का भविष्य विभागाध्यक्षों के हाथों सौंप दिया है। जिससे उनका शोषण होना निश्चित है।राज्यपाल से निवेदन है कि इस नई नीति के मामले मे हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश सरकार को इस नीति पर पुनः विचार करने के लिए कहें और किसी भी तरह की आउट सोर्स, अनुबंध या जाब ट्रेनी जैसी युवा विरोधी नीतियों के स्थान पर नियमित नियुक्तियों के लिए नीति बनाने के लिए प्रदेश सरकार को कहें।
प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी नियुक्तियों में जॉब ट्रेनी पॉलिसी के विरुद्ध राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
