कार्यशाला को ऑनलाइन संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस घोषित कर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार ने पूरे झारखंड का सम्मान बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि जब भी अवसर आया है भाजपा ने झारखंड का और जनजाति समाज का गौरव बढ़ाया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अलग झारखंड राज्य गठन की तिथि भी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ही निर्धारित किया।
उन्होंने कहा कि झारखंड के लिए यह दिन दोहरे खुशी का दिन है। राज्य स्थापना दिवस के साथ जनजाति गौरव दिवस का उपहार झारखंड को मिला है।
बाबूलाल ने कहा कि झारखंड के महान विभूति के 150 वीं वर्षगांठ को मनाने का अवसर यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गौरव दिवस को पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जनजाति समाज के उत्थान और सम्मान के लिए संकल्पित और समर्पित है।
कांग्रेस ने 60 वर्षों तक आदिवासी महानायकों को नहीं किया सम्मानित
उन्होंने कहा कि जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पीएम जन मन योजना ,प्रखंड स्तर पर एकलव्य विद्यालय जैसे अनेक कल्याणकारी योजनाएं मोदी सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि आज प्रतिवर्ष देश के कई जनजाति समाज के विशिष्ट जनों को पद्मश्री जैसे पुरस्कार मिल रहे हैं।
पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड का सौभाग्य है कि झारखंड और जनजाति गौरव दिवस का गहरा नाता है। हम सभी उसी भूमि के निवासी हैं, जहां 150 वर्ष पूर्व भगवान बिरसा मुंडा ने जन्म लिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 60 वर्षों तक आदिवासी महानायकों को सम्मानित नहीं किया। केवल चुनाव में नारे दिए, वोट मांगे लेकिन सम्मान नहीं दिया।
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कार्यशाला को ऑनलाइन संबोधित करते हुए जनजाति गौरव दिवस के कार्यक्रमों को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्व है जिसमें भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती वर्षगांठ,सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती वर्षगांठ और राष्ट्रगान वन्देमातरम की 150 वीं जयंती मनाई जा रही। उन्होंने तीनों कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर उरांव ने स्वागत भाषण करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूप रेखा रखी। उन्होंने कहा कि आगामी 4, 5 और 6 नवंबर को सभी जिलों में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी।
उन्होंने कहा कि यह गौरव दिवस केवल जनजाति समाज का नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव दिवस है।
