फेस्टिवल के पहले दिन ‘मॉर्निंग रागा’ में सुबह 9 बजे डागर घराने के शिष्य ध्रुवपद गायक रहमान हरफन मौला का मेडिटेशन पर आधारित ध्रुवपद गायन होगा। उस्ताद सईदउद्दीन खां डागर के शिष्य रहमान हरफन मौला अपनी ध्रुवपद गायिकी में सुबह की राग-रागिनियों को अपने सुरों में ढालेंगे। उनके साथ पखावज पर तेजी से उभरते कलाकार ऐश्वर्य आर्य संगत करेंगे।
कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में ‘ईवनिंग कंसर्ट के रूप में शाम 6:15 बजे से ध्रुवपद गायिका सुनीता अवनि अमीन का ध्रुवपद गायन होगा। उस्ताद ज़िया फरीदुउद्दीन खान डागर की शिष्या सुनीता अवनि अमीन के साथ पखावज पर पं.मोहन श्याम शर्मा संगत करेंगे। अंत में दिल्ली के दिग्गज कलाकार पद्मश्री उस्ताद फैय्याज वासिफउद्दीन खान डागर का ध्रुवपद गायन होगा।
फेस्टिवल के दूसरे दिन ‘मॉर्निंग रागा’ में सुबह 9 बजे कोलकाता की ध्रुवपद गायिका अपराजिता चक्रवर्ती का ध्रुवपद गायन होगा। उनके साथ पखावज पर ऐश्वर्य आर्य संगत करेंगे। इसी दिन ‘ईवनिंग कंसर्ट’ में डागर घराने की 20वीं पीढ़ी के कलाकार उस्ताद एस.नफीसउद्दीन खान डागर और उस्ताद एस.अनीसउद्दीन खान डागर का ध्रुवपद गायन होगा। उनके साथ पखावज पर ऐश्वर्य आर्य संगत करेंगे। अंत में बनारस के दिग्गज कलाकार पद्मश्री पंडित ऋत्विक सान्याल का ध्रुवपद गायन होगा। उनके साथ पखावज पर प्रदेश के मशहूर पखावज वादक पं.प्रवीण कुमार आर्य संगत करेंगे।
दो दिवसीय फेस्टिवल के तहत सुबह 11 बजे से जवाहर कला केंद्र में संवाद प्रवाह का आयोजन होगा। जिसमें पहले दिन प्रोफेसर माया रानी टांक, राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्माति वैदिक कलाकार रामू रामदेव और उस्ताद वासिफउद्दीन खान डागर सहित कथक गुरु रेखा ठाकर ध्रुवपद पर अपनी बात रखेंगे। दूसरे दिन कला समीक्षक डॉ.राजेश व्यास, डॉ.गौरव यादव, पद्मश्री पंडित ऋत्विक सान्याल और संगीतज्ञ पंडित आलोक भट्ट ध्रुवपद गायिकी पर परिचर्चा में भाग लेंगे। संवाद प्रवाह का मॉडरेशन वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी इकबाल खान करेंगे।
