युवा न केवल तकनीकी रूप से सशक्त हों, बल्कि रचनात्मक कार्य करें  : राजेश

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मौके पर जेएसएस के प्रभारी निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पिछले 10 वर्षों में कौशल की विभिन्न योजनाओं से आत्मनिर्भर भारत की एक मजबूत नींव तैयार की है, जिसमें सबसे ज्यादा योगदान युवाओं का है। उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकी के इस युग में युवाओं को प्रासंगिक कौशल से लैस करना बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे युवा न केवल तकनीकी रूप से सशक्त हों, बल्कि वह रचनात्मक समस्या समाधान करने वाले और उद्यमी भी बनें। इसके लिए हमें उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षण और अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने के लिए हम इंटर्नशिप और मेंटरशिप जैसे अवसर प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि आज का युवा सिर्फ नौकरी नहीं मांग रहा है, बल्कि रोजगार के अनेक अवसर भी पैदा कर रहा है। जन शिक्षण संस्थान ने देश भर में ग्रामीण और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2018 से 2025 के बीच इन संस्थाओं के माध्यम से 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और बेहतर जीविका का अवसर प्रदान करने में मदद मिली। यह संस्थान न केवल कौशल विकास को जमीनी स्तर से ऊपर ले जा रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार कर रहा है। रैली समापन के बाद बिरसा कॉलेज परिसर में स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत सफाई की गई और ब्लीचिंग पाउड़र का छिड़काव किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से डीआरडीए के सुरेश टोप्पो, संकल्प इंस्टीट्यूट के निदेशक राजेश कुमार महतो, नॉलेज हब के निदेशक पंकज कुमार नाग सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रोग्राम ऑफिसर सुब्रत सेन प्रधान, सहायक प्रोग्राम ऑफिसर शशि कुमार, प्रभावती कुमारी, निकुंज टोपनो, राजीव कुमार, धर्मेंद्र मुंडा, दशाय नाग सहित संस्था के लोगों का योगदान रहा।