पुलिस अनुसार दोनों की हत्या दिवाली की रात की गई। मंगलवार सुबह मंदिर के एक पुजारी ने खून से लथपथ बॉडी देखी थी। ये बॉडी अनाज व्यापारी मदनलाल सारस्वत और उनके मुनीम रेवंतराम की थी।
मोहनगढ़ कस्बेवासी पोकर पुरी ने बताया कि व्यापारी की दुकान के पास एक हनुमान मंदिर है। वो वहां पुजारी है। मंगलवार सुबह वो मंदिर में आरती करने गया था। लौटते हुए दिवाली की राम-राम करने मदनलाल की दुकान की तरफ आ गया। उसकी दुकान के बाहर काफी बकरियां थीं। उन्हें हटाने के लिए दुकान के नजदीक गया था तो व्यापारी और उसके मुनीम की बॉडी दिखी। बीकानेर के सरूणा के रहने वाले मदनलाल की एक दुकान मंडी कैंपस के अंदर और एक बाहर थी। उनकी बॉडी बाहर वाली दुकान पर मिली है। आशंका है कि हत्या उनकी दुकान के बाहर ही की गई है। व्यापारी का मुनीम रेवंतराम बीकानेर का बिग्गा का रहने वाला था। वो लंबे समय से उनके यहां काम कर रहा था।
पुलिस के अनुसार मदनलाल ने सोमवार शाम 5 बजे अपनी अल्टो कार में पेट्रोल भरवाया था। ताकि रात को पूजा के बाद दोनों गांव जा सके। बताया जा रहा है कि हत्यारे मर्डर करने के बाद उसी गाड़ी को लेकर भागे हैं।
