एसटीपी और सीईटीपी के साफ पानी से पार्को को जेडीए बना रहा हरा-भरा

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प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के कुछ पार्को में एसटीपी और सीईटीपी के साफ पानी का उपयोग ग्रीनरी के लिए किया जा रहा है। सहकार मार्ग पर स्थित एक एमएलडी पानी के सीईटीपी से विधानसभा, सेंट्रल पार्क, सहकार के मार्ग के छोटे उद्यान में पानी दिया जा रहा है। खास बात यह है पार्को और एसएमएस स्टेडियम को हरा-भरा रखने के लिए बड़ी मात्रा में भू-जल का उपयोग किया जाता है। भू-जल दोहन में कमी से शहर के जलस्तर में सुधार आएगा। आगामी समय में जेडीए जवाहर सर्किल, स्वर्ण जयंती गार्डन, सिल्वन पार्क, रामनिवास बाग सहित अन्य छोटे बड़े सभी पार्को में एसटीपी और सीईटीपी पानी देने की योजना बना रहा है। जेडीए अधिकारियों का मानना है कि शहर में चल रहे एसटीपी और सीईटीपी का पानी फिलहाल नदी या नालों में छोड़ा जा रहा है, अगर इस पूरे पानी का उपयोग पार्को में किया जाए तो भूजल दोहन की मात्रा में कमी आएगी और जलस्तर बढ़ेगा। शहर में जेडीए के अधीन आठ एसटीपी और एक सीईटीपी है। शहर में द्रव्यवती नदी सहित अलग-अलग स्थानों पर एसटीपी और इमली फाटक के पास सीईटीपी बना हुआ है। इनके माध्यम से प्रदूषित पानी को साफ कर सीधे नदी और नालों में छोड़ा जाता है। इन सभी एसटीपी और सीईपीटी की देखभाल सहित अन्य खर्चों के रुप में जेडीए हर साल लाखों रुपये खर्च करता है। इसे अलावा नगर निगम के अधीन भी करीब आधा दर्जन एसटीपी है, जिनका पानी नालों में ही बहाया जा रहा है।

जेडीए के निदेशक(इंजिनियरिंग) देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि इमली फाटक स्थित सीईटीपी से निकलने वाले साफ पानी का उपयोग वर्तमान में चार जगहों पर किया जा रहा है, इसमें विधानसभा, सेंट्रल पार्क सहित कुछ अन्य जगह शामिल है। आगामी समय में बाकी अन्य एसटीपी और सीईटीपी के साफ पानी का उपयोग पार्क या हरियाली के लिए करने की योजना पर काम किया जा सकता है। पानी स्टोरेज के लिए आगामी दिनों में टैंकर बनाने के साथ जल सप्लाई के लिए लाइन भी डालने की योजना है।