भैया दूज के त्योहार पर तिलक करने के लिए सुबह से जेल गेट पर महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जिला कारागार के मुख्य द्वार पर तलाशी के बाद बहनों को तिलक की सामग्री और मिष्ठान के साथ अंदर प्रवेश दिया गया। जेल परिसर में उन्हें भाइयों से मिलने का अतिरिक्त समय दिया गया। इसके लिए परिसर में टेंट भी लगाया गया। ताकि सभी एक जगह बैठ कर तिलक कर सकें। इस दौरान लंबे समय बाद जेल में बंद भाइयों से मिल कर किसी की आंख से आंसू छलके तो कोई बहन भाई से लिपट कर रोने लगी। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक करके उनके दीर्घायु की कामना की।
जेल प्रशासन की ओर से बहनों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था भी की गई । बंदियों को भी हलवा पूड़ी खिलाया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि भैया दूज पर बंदियों और उनसे मिलने वालों को दिक्कत न हो इसके लिए कुछ छूट भी दी गई। दाेपहर तक 800 से महिलाओं व बालिकाओं और कुछ पुरुषों ने जेल पहुंच कर भैया दूज का त्योहार मनाया।
