इंदौर में पेट्रोल-डीजल की कमी होना मुश्किल:मुंबई से सीधे पाइपलाइन से इंदौर पहुंचता है पेट्रोल-डीजल, जानिए क्यों नहीं हो सकती इंदौर में पेट्रोल-डीजल की कमी

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प्रदेश की आर्थिक कहे जाने वाले इंदौर में अचानक पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइनें लग गई। कारण था अफवाह, जिसके चलते लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंच गए। लोगों की भीड़ लगी तो जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी एक्टिव हुए लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और ईंधन की पर्याप्त उपलब्ध होने की बात कहीं। हालांकि इंदौर में पेट्रोल-डीजल की कमी होना मुश्किल की है, क्योंकि इसके पीछे का कारण है कि इंदौर में ईंधन की सप्लाई पाइप लाइन से होती है, जो सीधे मुंबई से मनमाड़ होते हुए मांगलिया डीपो तक आती है। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह वासु से चर्चा की। उन्होंने बताया कि BPCL ने 1998 में मुंबई से मनमाड़ तक 255 किमी लंबी पाइपलाइन शुरू की थी। यह पाइपलाइन मुख्य रूप से मुंबई रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पादों को निकालने के लिए बिछाई गई थी, ताकि महाराष्ट्र राज्य और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों की मांगों को पूरा किया जा सके। इसके बाद मुंबई-मनमाड़ पाइपलाइन को 2003 में 358 किमी और बढ़ाकर मांगलिया(इंदौर, मध्य प्रदेश)तक बढ़ाया गया, ताकि मध्य प्रदेश और भारत के उत्तरी हिस्से की मांगों को पूरा किया जा सके। पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी है वह पूरी तरह से लोगों की पैनिंग बाईंग है। हम तो अपील कर रहे हैं कि किसी भी तरह की अफवाह में न आए। बहुत पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है। जितनी जरूरत है उतना पेट्रोल-डीजल ले, लेकिन पैनिक बाईंग ना करें, इससे कहीं ना कहीं माहौल बिगड़ रहा है। पाइप लाइन से ट्रांसफर होता है पेट्रोल-डीजल भारत पेट्रोलियम की मुंबई रिफाईनरी से एक पाइप लाइन है जो मनमाड़ होते हुए मांगलिया तक आती है। यहां पर बीपीसीएल का एमआरटी डीपो है, जहां पर टर्मिनल बना हुआ है। जो पेट्रोल-डीजल है वह इंदौर को पाइप लाइन से ट्रांसफर होता है भारत पेट्रोलियम में। हम कही भी टैंकर या वेगन पर निर्भर नहीं है। पाइप लाइन से ट्रांसफर है, इसलिए हमारे यहां शार्टेज होने की संभावना ना के बराबर है। कभी भी ऐसे स्थिति नहीं बनने वाली है, इसलिए उपलब्धता है। ये पाइप लाइन मुंबई से मनमाड़, मनमाड़ से मांगलिया तक आई है, ये करीब 600 से 700 किमी है। ये पूरी अंडरग्राउंड लाइन है। 2003-04 से ये पाइपलाइन भारत पेट्रोलियम में है। जितनी भारत पेट्रोलियम को आवश्यकता होती है या कहे कि उनकी जो खपत है 20 जिलों की वह पाइपलाइन से ही होती है। डीपो से इंदौर और आसपास के 20 जिलों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई की जाती है। उन्होंने बताया कि आईओसीएल और एचपीसीएल का पेट्रोल-डीजल वेगन से आता है और जरूरत पड़ने पर बीपीसीएल से भी लेते हैं। 2 महीने तक नहीं आना है कोई भी दिक्कत राजेंद्र सिंह वासु ने बताया कि बीपीसीएल का जो टर्मिनल है उसमें कम से कम दो महीने तक पेट्रोल-डीजल की जो इंदौर की खपत है, उतना स्टॉक है। इसलिए कोई भी पैनिंग बाईंग ना करें। वहीं जिला प्रशासन के साथ ही जनप्रतिनिधि भी जनता से अपील कर चुके हैं कि अफवाहों पर ध्यान ना दें। पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी। पैनिंग बाईंग में ज्यादा बिका पेट्रोल-डीजल पैनिंग बाईंग के कारण लोगों ने एक्स्ट्रा पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों वे अगर 17 हजार लीटर बेचते है तो मंगलवार को 32 हजार लीटर ईंधन बेचा। ये एक्स्ट्रा ईंधन हां से बेचा, उपलब्धता है इसलिए तो जनता को दे पाए। लोगों से उन्होंने अपील की है कि लोग पैनिंग बाईंग ना करें।