छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का शुरुआत

Spread the love

सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों को पूरे एसआईआर से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों की भी जानकारी देते हुए बताया क‍ि मुद्रण व प्रशिक्षण कार्य 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलेगा। वहीं घर घर गणना यानी डोर टू डोर वेरिफिकेशन का चरण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान बूथ स्तर अधिकारी प्रत्येक घर पहुंचकर मतदाता की जानकारी की जांच करेंगे और नए मतदाताओं के आवेदन लेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि, मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर 2025 को किया जाएगा यानी इसी दिन प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रारंभिक मतदाता सूची चस्पा की जाएगी। मसौदा सूची जारी होने के बाद 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक नागरिक दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे। निर्वाचन कार्यालय द्वारा दावे और आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी. इस दौरान संबंधित अधिकारी सभी दस्तावेजों और दावों की जांच कर अंतिम निर्णय देंगे। सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

यह बैठक कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के सभागार में आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथियों और अन्य आवश्यक जानकारियों से अवगत कराना था।

प्रत्येक मतदान केंद्र में लगभग 1,000 मतदाता होते हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) होता है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कई मतदान केंद्र होते हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) होता है। ईआरओ एक उप-मंडल मजिस्ट्रेट स्तर का अधिकारी होता है, जो कानून के अनुसार: मसौदा मतदाता सूची तैयार करता है।

दावों और आपत्तियों को प्राप्त करता है और उन पर निर्णय लेता है। और अंतिम मतदाता सूची तैयार करता है और प्रकाशित करता है। प्रत्येक तहसील के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) होता है। जिला मजिस्ट्रेट ईआरओ के निर्णय के विरुद्ध प्रथम अपील की सुनवाई करते हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीईओ (जिला निर्वाचन अधिकारी) के निर्णय के विरुद्ध द्वितीय अपील की सुनवाई करते हैं।

बी.एल.ओ, (बूथ स्तरीय अधिकारी) नए मतदाता को शामिल करने के लिए फॉर्म 6 और घोषणा पत्र एकत्र करेंगे और मिलान/लिंकिंग (आधार से जोड़ना) में सहायता करेंगे। मतदाता को ई.एफ. भरने में मदद करेंगे उसे एकत्र करेंगे और ई.आर.ओ./ए.ई.आर.ओ. को जमा करेंगे। प्रत्येक मतदाता के घर का कम से कम 3 बार दौरा करेंगे। मतदाता, विशेषकर शहरी मतदाता/अस्थायी प्रवासी, ई.एफ. ऑनलाइन भी भर सकते हैं। इसके अलावा बीएलओ मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान करेंगे । गणना चरण के दौरान ई.एफ. के अलावा कोई अन्य दस्तावेज एकत्र करने की आवश्यकता नहीं है।

इस अवसर पर, सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि, वे पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें, ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें।