देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 3 और लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही अब तक कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक पुरुष भी शामिल है। हालांकि, शासन ने अब तक तीन मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है। इनमें नंदराम (70), उर्मिला (60) और ताराबाई कोरी (70) शामिल हैं। बताया गया है कि इन तीनों की मौत डायरिया से हुई है। अभी अलग-अलग अस्पतालों में 111 लोग भर्ती हैं। क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जिन 3 अन्य लोगों की मौत हुई है, उनमें गोमती रावत (50), उमा कोरी (31), संतोष बिगोलिया शामिल हैं। दोनों भाऊ गली, भागीरथपुरा की रहने वाली थीं। गोमती रावत की मौत 26 दिसंबर को हुई थी। इससे पहले मंगलवार को नंदलाल पाल (75), उर्मिला यादव (69), उमा कोरी (31), मंजुला पति दिगंबर (74) और सीमा प्रजापत (50) की मौत की जानकारी सामने आई थी। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति अरबिंदो अस्पताल में 3 मरीजों को आईसीयू में रखा गया है। खास बात यह कि हालात को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर यहां 100 बेड वाले यूनिट की अलग व्यवस्था की गई है। दिनभर में 5 मौतों की जानकारी, देर रात 3 अन्य मौतों की सूचना
सोमवार रात यह मामला तब सामने आया, जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अचानक दिल्ली से इंदौर पहुंचे और वर्मा हॉस्पिटल गए। इसके बाद पता चला कि 150 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। मंगलवार को दिनभर में पांच मौतों की जानकारी मिली, जबकि देर रात 3 अन्य मौतों की सूचना सामने आई। इस तरह कुल 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अब तक की स्थिति से स्पष्ट है कि पिछले एक सप्ताह से लोग बीमार हो रहे थे। संभवतः पहली मौत (26 दिसंबर को) गोमती रावत की हुई थी। इस तरह पांच दिन में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। मरीजों का इलाज मुफ्त, पूरा खर्च शासन वहन करेगा
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव और सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भागीरथपुरा क्षेत्र के सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वहां से आने वाले मरीजों से इलाज का कोई शुल्क न लिया जाए। मरीजों के इलाज का खर्च शासन वहन करेगा। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के अनुसार- भागीरथपुरा की 15 गलियों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा घर-घर जांच और उपचार किया गया। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा क्लोरीन, जिंक टैबलेट और ओआरएस बांटे जा रहे हैं। क्षेत्र में 4 एम्बुलेंस तैनात, डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई
लक्षण दिखने पर फौरन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने, उबला पानी पीने और बाहर का भोजन व कटे फल न खाने की सलाह दी जा रही है। क्षेत्र में 4 एम्बुलेंस तैनात हैं। इसके अलावा, 14 डॉक्टर, 24 एमपीडब्ल्यू और पैरामेडिकल स्टाफ और एमवाय हॉस्पिटल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी सहयोग कर रहे हैं। रात में भी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। अब तक इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसके अध्यक्ष आईएएस नवजीवन पंवार बनाए गए हैं। समिति में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर प्रदीप निगम और मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेश राय शामिल हैं। सालभर की दवाई सिर्फ 4 दिन में बिक गई
भागीरथपुरा इलाके में मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले दवा व्यापारी ने कहा कि उल्टी, दस्त और बुखार की जितनी दवाइयां सालभर में नहीं बिकती हैं, उतनी पिछले चार दिनों में बिक गई। शौचालय के नीचे मुख्य जल लाइन में लीकेज पाया गया
भागीरथपुरा में चौकी से लगे शौचालय के नीचे मुख्य जल लाइन में लीकेज पाया गया है। आशंका है कि इसी लीकेज के कारण दूषित पानी पेयजल लाइन में मिला। वहीं, राउ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 75 और 76 के भावना नगर में हालात गंभीर हैं। घरों में चेंबर लाइन का गंदा पानी भर रहा है। नर्मदा जल आपूर्ति लाइन से भी बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है। रहवासी इसी पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। ड्रेनेज लाइन डालने के लिए गलियों में बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं, जिनमें गंदा पानी भरा हुआ है। दुर्गंध और मच्छरों के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इधर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि 70 से ज्यादा पानी के सैंपल लिए गए हैं। सभी मरीजों का इलाज सरकारी खर्च पर होगा। जिन लोगों ने इलाज के लिए पैसे जमा किए हैं, उन्हें रिफंड मिलेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। क्षेत्र में 50 टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। हेल्पलाइन नंबर- 7440440511 सड़कों की खुदाई के कारण लोगों को परेशानी हो रही
विजय नगर क्षेत्र में मेट्रो और मास्टर प्लान के तहत सड़कों की खुदाई के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। रहवासियों का आरोप है कि वहां भी गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विजय नगर थाने का घेराव किया था। भागीरथपुरा की घटना के बाद यहां भी लोगों में डर का माहौल है। मौतों के बाद निगम ने खोला पानी की लाइन का टेंडर
इलाके में नई पानी की लाइन के लिए चार महीने पहले ही टेंडर जारी हो चुके थे। शिकायत के आधार पर अगस्त में हुए इस टेंडर में चार एजेंसियों ने हिस्सा लिया था। 2.40 करोड़ में नई लाइन डालना थी। जिम्मेदारों ने अब तक टेंडर ही नहीं खोला। टेंडर में गंदे पानी की शिकायतों का जिक्र विशेष तौर पर किया गया था। अब अफसरों ने ताबड़तोड़ टेंडर खोला। उधर, नर्मदा की मेन लाइन में लीकेज की वजह से क्षेत्र में बीमारी फैली। यह लीकेज पानी की टंकी के पास बने बगीचे के सुविधाघर के नीचे से गुजर रही मेन लाइन में था। मंगलवार को जेसीबी से सुविधाघर तोड़ा तो मेन लाइन में लीकेज मिला। इसके बाद मरम्मत की गई। ये खबर भी पढ़ें…
शौचालय का पानी घरों तक पहुंचा…पीने वाले 5 की मौत
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देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर…दूषित पानी से 8 मौतें:सरकार ने सिर्फ 3 की पुष्टि की, 111 मरीज भर्ती; टॉयलेट के नीचे मेन लाइन में लीकेज मिला
