मेडल्स का डिज़ाइन भारतीय संस्कृति, पैरा स्पोर्ट्स और खेल भावना का अनोखा संगम है। मेडल के एक तरफ पारंपरिक भारतीय कला से प्रेरित बारीक डिज़ाइन के साथ टूर्नामेंट का नाम, व्हीलचेयर रेसर, डिस्कस थ्रोअर और भारत के राष्ट्रीय पुष्प कमल की आकृति उकेरी गई है। दूसरी तरफ ब्रेल लिपि में “New Delhi 2025”, कमल-प्रेरित पैटर्न और आधुनिक ज्योमेट्रिक डिज़ाइन हैं। इन मेडल्स को नीले रिबन के साथ प्रस्तुत किया गया है, जो समावेशिता और उपलब्धि का प्रतीक है।
इस मौके पर चैंपियनशिप का आधिकारिक गीत “उड़ान भर” भी लॉन्च किया गया, जिसमें रैप तत्वों के साथ भारतीय पैरा-एथलीट्स की प्रतिभा और जज्बे को दिखाया गया है।
पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा, “ये मेडल्स सिर्फ जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि समावेश, प्रयास और जज़्बे की पहचान हैं। भारत 104 देशों के एथलीट्स की मेजबानी कर विश्व स्तरीय आयोजन पेश करेगा।”
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रमुख पॉल फिट्ज़गेराल्ड ने कहा, “नई दिल्ली में होने वाली यह चैंपियनशिप अब तक का भारत का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट्स आयोजन होगी। ये मेडल्स भारतीय संस्कृति और समावेशिता का बेहतरीन उदाहरण हैं। भारत की पैरा-एथलेटिक्स में प्रगति बेहद प्रेरणादायक है।”
पीसीआई की संरक्षक व विधायक वानाथी श्रीनिवासन ने कहा, “ये मेडल्स साहस और धैर्य की कहानियां कहते हैं। भारत सबका स्वागत खुले दिल से करेगा और यह आयोजन इतिहास रचेगा।”
पैरा एथलीट्स नवदीप सिंह और प्रवीन कुमार ने भी मेडल्स को देखकर गर्व और प्रेरणा व्यक्त की। प्रवीन ने कहा, “ये मेडल हर पैरा-एथलीट की संघर्ष और जीत की कहानी है। अपने देश में इसे जीतना बेहद खास होगा।”
मेडल अनावरण के साथ ही नई दिल्ली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 की आधिकारिक काउंटडाउन शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में यह आयोजन भारत की खेल यात्रा का एक ऐतिहासिक अध्याय लिखेगा।
