BSF बांग्लादेश सीमा की पेट्रोलिंग के लिए मगरमच्छों और सांपों का इस्तेमाल कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 मार्च को गृह मंत्रालय ने BSF मुख्यालय को ऑपरेशनल स्तर पर सरीसृपों (मगरमच्छ और सांप) के इस्तेमाल पर विचार करने का आदेश दिया है। भारत-बांग्लादेश की 4,096 किमी लंबी सीमा में लगभग 175 किमी हिस्सा नदी और दलदली क्षेत्र में आता है। इन इलाकों में फेंसिंग लगाना मुश्किल होता है। घुसपैठ और तस्करी की घटनाएं होती रहती हैं। सीमा पर 10 सालों में 7 हजार से ज्यादा घुसपैठ हुई। सीमा के पास रह रहे लोगों के लिए खतरा और चुनौती BSF अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है। इसे लागू नहीं किया गया है। इसमें जानवरों की व्यवस्था से लेकर सीमा के पास रह रहे लोगों की सुरक्षा जैसी कई चुनौतियां है। भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास घनी आबादी और बाढ़ के हालतों की वजह से ग्रामीणों के लिए जोखिम भी बढ़ सकता है। 17 मार्च को सरकार ने भारत-बांग्लादेश बॉडर पर 3,326 किमी फेंसिंग को मंजूरी दी थी। लगभग करीब 371 किमी हिस्सा अभी भी बाकी है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, जहां फेंसिंग संभव नहीं है, वहां ड्रोन जैसे तकनीकी उपाय अपनाए जाएंगे। लगातार समाने आ रही तस्करी का घटनाएं ——————————– पूरी खबर पढ़ें… बांग्लादेशी गौतस्करों ने BSF जवान का अपहरण किया:घनी धुंध का फायदा उठाकर ले गए प भारत-बांग्लादेश सीमा पर शनिवार तड़के कुछ बांग्लादेशी गौतस्करों ने एक BSF जवान का अपहरण कर लिया। गौतस्कर घनी धुंध का फायदा उठाकर जवान को साथ ले गए। पूरी खबर पढ़ें…
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर घुसपैठ, सांप-मगरमच्छ का इस्तेमाल कर सकती है BSF:175 किमी के दलदली इलाके में फेंसिंग मुश्किल, 10 सालों में घुसपैठ की 7 हजार घटनाएं
