पलवल : मदरसे में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन

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मौलवी शेर मोहम्मद अंजुम खान, मोहम्मद अदनान, वली खान, अल्ताफ मोहम्मद और याशीर यूनुस ने संयुक्त रूप से कहा कि 15 अगस्त केवल एक तारीख नहीं, बल्कि देश की आजादी, कुर्बानी और एकता का प्रतीक है। लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद हमें यह आजादी मिली, जिसमें हिंदू और मुसलमान दोनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आज भी अगर देश को जरूरत पड़ी तो सभी धर्मों के लोग एकजुट होकर राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार रहेंगे।

वक्ताओं ने इस अवसर पर पलवल में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यहां सभी समुदाय के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं और हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं। मदरसे में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि राष्ट्रीय पर्व किसी धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश की साझा विरासत है। मौके पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने तिरंगे के साथ फोटो खिंचवाए और एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। प्रांगण में गूंजते देशभक्ति के गीत और नारों ने माहौल को भावनात्मक और गर्व से भर दिया।