यमुनानगर में ड्रंक ड्राइवर ने पुलिस पोस्ट पर चढ़ाया ट्रक:पुलिसकर्मियों ने भागकर बचाई जान; CCTV-स्ट्रीट लाइटें और केबल तार टूटी

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यमुनानगर जिले के थाना सदर क्षेत्र अंतर्गत कलानौर पुलिस नाके पर बुधवार बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए जा रहे एक ट्रक ने नेशनल हाईवे-344 पर बने डिवाइडर पर चढ़कर पुलिस नाके पर बनी लोहे की पोस्ट को सीधी टक्कर मार दी। हादसे में डिवाइडर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पुलिस पोस्ट पर लगा एक सरकारी सीसीटीवी कैमरा, पांच बड़ी स्ट्रीट लाइटें, केबल तार और अन्य सामान टूट गया। हादसे के समय नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। मुंह से आ रही थी शराब की गंध पुलिस ने तुरंत ट्रक को रोककर चालक और उसके दो साथियों को नीचे उतारा। तीनों के मुंह से शराब की गंध आ रही थी और वे नशे की हालत में पाए गए। ट्रक में प्लाई बोर्ड लदा हुआ था। पुलिस पूछताछ में ट्रक ड्राइवर ने अपना नाम सुनील रावत पुत्र देवेंद्र सिंह निवासी जिला ग्वालियर (मध्य प्रदेश) बताया। उसके साथियों की पहचान महेश गुज्जर निवासी जिला शिवपुरी और दीपक निवासी करेरा, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार तीनों ने आपसी साजिश के तहत तेज रफ्तार, गफलत और लापरवाही से ट्रक चलाकर न केवल पुलिसकर्मियों, बल्कि आम लोगों की जान को भी खतरे में डाला और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस चौकी कलानौर से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालते हुए सड़क से मलबा हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया। पुलिसकर्मियों ने भागकर बचाई जान शिकायतकर्ता SPO दीपक कुमार ने बताया कि बुधवार को अन्य पुलिसकर्मियों के साथ नेशनल हाईवे-344 पर नाकाबंदी ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान गांव कलानौर की ओर से एक ट्रक अत्यधिक तेज रफ्तार, गफलत और लापरवाही से आता हुआ दिखाई दिया। ट्रक ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और ट्रक को हाईवे पर बने डिवाइडर पर चढ़ाते हुए डिवाइडर पर स्थापित लोहे की पुलिस पोस्ट में सीधी टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि डिवाइडर और पुलिस पोस्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि वहां ड्यूटी कर रहे सभी पुलिसकर्मियों को जान बचाने के लिए मौके से हटना पड़ा। हाईवे पर फैला मलबा, यातायात प्रभावित शिकायतकर्ता के अनुसार, टक्कर से सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस पोस्ट पर लगा एक सरकारी CCTV कैमरा, पांच बड़ी स्ट्रीट लाइटें, केबल तार और अन्य उपकरण टूट गए। टक्कर के बाद ट्रक को सड़क से एक ओर हटवाकर यातायात को बाधित होने से बचाया गया और टूटे हुए डिवाइडर व पुलिस पोस्ट का मलबा भी साइड में करवाया गया। ट्रक में प्लाई बोर्ड लोड था। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि ट्रक ड्राइवर और उसके साथ मौजूद दो अन्य व्यक्तियों को ट्रक से नीचे उतारा गया, जिनके मुंह से शराब की तेज गंध आ रही थी और वे नशे की हालत में प्रतीत हो रहे थे। पूछताछ में ट्रक ड्राइवर ने अपना नाम सुनील रावत निवासी जिला ग्वालियर मध्य प्रदेश बताया, जबकि उसके साथियों ने अपने नाम महेश गुज्जर और दीपक दोनों निवासी जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश के बताए गए। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस आरोप है कि तीनों ने आपसी साजिश और दुष्प्रेरण के तहत ट्रक को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाकर जनमार्ग पर मौजूद पुलिसकर्मियों व आम लोगों के जीवन को खतरे में डाला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इसी आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।