बीजापुर में वर्ष 2025 में आईईडी विस्फोट से 39 जवान हुए घायल, 12 जवान बलिदान, आठ आम नागरिक मारे गए

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मिली जानकारी के अनुसार नक्सली आईईडी विस्फोट के कई तरीके अपनाते हैं। वे रिमोट कंटोल, इंफ्रारेड या मैग्नेटिक टिगर्स का इस्तेमाल करते हैं। प्रेशर- सेंसिटिव बार्स या टिप वायर का भी इस्तेमाल करते हैं। कई बार नक्सली सड़क किनारे तार की मदद से आईईडी को बिछाते हैं। विदित हाे कि बीजापुर में इसी साल नक्सलियों की तरफ से की गई बारूदी विस्फोट की वारदात में 9 जवान बलिदान हो गए थे।

बीजापुर एएसपी नक्सल ऑपरेशन रविद्र कुमार मीणा का कहना है कि हाल में प्रेशर आईईडी की काफी घटनाएं सामने आई हैं। चूंकि नक्सली इतने सक्षम नहीं है कि वे आमने-सामने की लड़ाई लड़ सके । इसलिए आईईडी लगाने जैसी कायराना हरकतें कर रहे हैं, जिसमें सिविलियनों को भी नुकसान हो रहा है। हालांकि नक्सलियों की इन हरकतों को ध्यान में रखकर आगे सुरक्षाबल भी आईईडी ग्रस्त इलाकों की मैपिंग कर पूरे इलाके काे सेनेटाइज्ड कर सुरक्षित आगे बढ़ती रहेगी।