सोनीपत जिले के गोहाना में तूड़ी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग लगाकर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए खुद का अपहरण होने का नाटक रचा और उसके बाद अपने पड़ोस के एक युवक के पास फोन करके कुछ लोगों द्वारा मारपीट करने और पीछा करने को लेकर कॉल किया था। जहां पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी अशोक ने पूरी फिल्मी कहानी रची थी। वहीं तूड़े की ट्राली में आग लगाने वाले आरोपी अशोक और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है और मामले को लेकर पुलिस डीसीपी ने जानकारी दी। अपहरण का रचा नाटक डीसीपी भारती डबास ने बताया कि गांव खंदराई के रहने वाले अशोक ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और मंगलवार को आरोपी अशोक परिजनों को सुबह 7 बजे कहकर गया कि वह बाइक पर जींद की ओर तूड़ा देखने के लिए जा रहा है। जिसके बाद अशोक ने पड़ोसी युवक को फोन किया और बताया कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं और उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बाइक-जैकेट छोड़ आरोपी गायब पड़ोसी युवक नवीन से कहा था कि मुझे इन लोगों से छुड़ा लो। इसके बाद उसका फोन अचानक बंद हो गया। जहां अशोक ने जींद रोड पर नूरनखेड़ा गांव के पास नहर के नजदीक लोकेशन पर अपनी बाइक और जैकेट छोड़कर बस में बैठकर जींद वाया पानीपत चला गया और उसके बाद अशोक पंजाब के लुधियाना भाग गया था। जहां कल आरोपी अशोक को पानीपत से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में खुला पूरा षड्यंत्र जब पुलिस अपहरण के मामले की जांच कर रही थी, तभी सामने आया कि आरोपी अशोक 16 दिसंबर को बड़ौता गांव में खड़ी तूड़ी से भरी ट्रॉली में आग लगाने की वारदात में शामिल था। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो चुकी थी, इसी कारण आरोपी ने यह साजिश रची थी। पीड़ित ने थाने में दी लिखित शिकायत गांव खंदराई के वीरेंद्र ने थाना सदर गोहाना में दी शिकायत में बताया कि वह तूड़ी की ठेकेदारी का काम करता है। उसके पास एक ट्रैक्टर और सवा अठारह फुट की ट्रॉली है, जिससे वह तूड़ी की ढुलाई करता है। वहीं वीरेंद्र के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 की रात करीब 12 बजे वह करनाल के गांव कुंदलान से तूड़ी भरकर लाया था और बड़ौता पेट्रोल पंप (P.S पेट्रोलियम) के सामने सर्विस लाइन पर ट्रॉली खड़ी कर ट्रैक्टर लेकर घर चला गया। तूड़ी की कीमत करीब 2 लाख अगले दिन 17 दिसंबर को सुबह करीब 2:30 बजे फोन के जरिए वीरेंद्र को सूचना मिली कि उसकी तूड़ी से भरी ट्रॉली में आग लग गई है। मौके पर पहुंचने पर देखा, तो पूरी ट्रॉली और तूड़ी जल चुकी थी। पीड़ित के अनुसार, तूड़ी की कीमत करीब 2 लाख रुपए और ट्रॉली की कीमत लगभग 8 लाख रुपए थी। इस घटना में उसे कुल 10 लाख रुपए का भारी नुकसान उठाना पड़ा। CCTV फुटेज से आरोपी की पहचान घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर गांव खंदराई के अशोक और उसका एक अज्ञात साथी ट्रॉली में आग लगाते हुए साफ दिखाई दिए। दोनों पर जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप है। थाना सदर गोहाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी अशोक और उसके साथी पर 24 दिसंबर 2025 को धारा 326(f) और 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आपसी रंजिश के चलते अशोक ने लगाई थी आग डीसीपी भारती डबास में जानकारी देते हुए बताया कि अशोक के पिता नानक के और वीरेंद्र की कुछ दिन पहले आपसी कहासुनी हुई थी। और इसी कहा सुनी का बदला लेने के लिए अशोक ने पूरी साजिश रची थी और बदला लेने के लिए तूडे की ट्राली में आग लगा दी थी। डीसीपी भारती डबास ने की प्रैसवार्ता
डीसीपी भारती डबास का कहना है कि अशोक के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने को लेकर डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया था। आरोपी ने तूडे की ट्राली में आग लगाने के बाद मालूम हो गया था कि उसकी पहचान हो चुकी है और इसी को लेकर आरोपी ने पूरी फिल्मी कहानी रची और उसी के तहत खुद की किडनैपिंग दिखाई। पेट्रोल पंप से तेल खरीद लगाई आग
डीसीपी ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि खंदराई गांव के रहने वाले अशोक और आरोपी अक्षय ने पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीद कर अपने पड़ोसी वीरेंद्र की गाँव बडोता के पेट्रोल पंप के सामने खड़ी हुई तुड़े से भरी ट्राली में आग लगाई थी। जहां करीबन 9 से 10 लाख रुपए का वीरेंद्र को नुकसान हुआ था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने पूरी कहानी इस प्रकार से बनाई थी कि मौके पर उसकी पड़ी हुई जैकेट और बाइक ऐसे लगे कि किसी ने उसकी किडनैपिंग कर ली है।
सोनीपत में ट्राली में आग लगाकर किडनैपिंग का रचा नाटक:पुलिस को किया गुमराह; बचने के लिए बनाई फिल्मी कहानी, 2 आरोपी पकड़े
